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फसल अवशेष जलाने से नष्ट हो जाते हैं मित्र कीट

Wed, 19 Oct 2022 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 11:54 PM IST
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Friend pests are destroyed by burning crop residues
बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के विकासखंड कोयलसा में बृहस्पतिवार को कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एडीओ कृषि वेद व्यास सिंह ने किसानों को उनके अवशेषों को ना जलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसान द्वारा जलाए जा रहे अवशेषों से लाभदायक जीव भी अवशेषों के साथ जल जा रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रेमशंकर यादव ने बताया कि यह फसल अवशेष किसानों के लिए वरदान साबित होंगे, अगर इनका ठीक ढंग से प्रबंधन करके खेतों में ही सड़ा दिया जाए। इसके बाद हमारी अगली फसल की बुवाई करने में कम लागत में ही अच्छी उपज मिलेगी। कृषि प्रभारी कोयलसा संतोष यादव ने कहा कि फसलों को कंबाइन मशीन द्वारा कटाई करने के तुरंत बाद अवशेषों को खेतों में फैलाकर पानी भरकर यूरिया का छिड़काव कर देने से भी फसल अवशेष नष्ट हो जाते हैं। आसानी से अगली फसल की बुवाई की जा सकती है। हार्वेस्टर और कंबाइन मशीन के मालिकों को निर्देशित किया गया है कि धान की कटाई के समय मल्चर का प्रयोग करें। अन्यथा कृषि कानून अधिनियम का पालन नहीं करेंगे तो कंबाइन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में क्षेत्र की सैकड़ों किसानों को सरसो का बीज वितरण किया गया। इस मौके पर संतोष कुमार यादव, लालजीत वर्मा, बजरंगी, अशोक, प्रमोद, रमाकांत यादव, राजमन यादव आदि उपस्थित थे। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा में बुधवार को ब्लाक स्तरीय कृषि निवेश मेला व किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों किसानों ने प्रतिभाग किया। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के वैज्ञानिकों ने सम-सामयिक विषयों पर चर्चा करते हुए आगामी रबी की बुआई की तैयारी व अच्छी प्रजातियों के चयन पर विशेष जोर दिया। कहा कि रबी की कोई भी फसल बुआई के समय किसान अच्छी प्रजातियों का चयन करें ताकि अच्छी पैदावार हो। खेतों में फसलों के अवशेष को कभी न जलाएं। अवशेष प्रबंधन की जानकारी दिया। इस दौरान किसानों को कृषि विभाग के अधिकारियों ने चलाई जा रही योजनाओं व अनुदान के बारे में विस्तार से बताया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल मिश्र ने वैज्ञानिकों द्वारा सुझाई गई तकनीकी को कृषकों को अपनाने की सलाह दी। कहा कि यह तकनीकी अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्घि कर सकते हैं। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ गगनदीप सिंह सहित गन्ना विभाग के अधिकारी व किसान मौजूद रहे।
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