{"_id":"622b8b0f8751f7489065cbb0","slug":"friday-prayers-cannot-be-held-everywhere-maulana-mehboob-azamgarh-news-vns6427707195","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं हो सकती है हर जगह पर जुमे की नमाज: मौलाना महबूब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं हो सकती है हर जगह पर जुमे की नमाज: मौलाना महबूब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जामिया फैजे आम देवगांव में जुमा की नमाज होने के बाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मौलाना महबूब आलम कासमी फैजाबादी ने कहा कि हर जगह जुमा की नमाज नहीं अदा की जा सकती। यही वजह है कि जामिया फैजे आम में इतने दिनों तक जुमे की नमाज शुरू नहीं हो सकी। जरूरत पड़ने पर इस्लामिक विद्वानों से सलाह मशविरा करके अब यहां जुमा की नमाज शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि अल्लाह के हुक्म को पूरा करने का नाम ही शरीयत है।
उन्होंने कहा कि धन से किसी समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि धन के बढ़ने से समस्याएं बढ़ती हैं। यदि आप समस्या का समाधान चाहते हैं तो अल्लाह से निकटता पैदा करें, हराम चीजों से दूर रहें, अनावश्यक समय को बर्बाद न करें, विद्वानों से संबंध बढ़ाएं और भ्रम से पूरी तरह दूर रहें। सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान किसी चीज में नहीं बल्कि अल्लाह से नजदीकी कायम करने में है। जिसमें हराम चीज से दूरी, दुनिया का लालच दिल से निकालने, पीड़ित और मजलूम की सहायता करने और ईमानदारी पर चलने आदि की हिदायत की गई है।
कहा हम अपनी बीमारी के बारे में नहीं जानते और दूसरों को दोष देते हैं, इसलिए पहले अपनी बीमारी का पता लगाएं और उस पर ध्यान दें। याद रखें कि अल्लाह के नबी हजऱत मुहम्मद साहब ने हर स्थिति का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्यार और मौत के डर ने मुसलमानों की यह स्थिति पैदा की है। उन्होंने कहा कि दुनिया का प्यार, व्यापार का प्यार, धन और बच्चों का प्यार, अमीर बनने का स्वप्न और लालच के साथ मौत का डर हमारे दिल में पैदा हो गया है। जिसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हमें निराश नहीं होना है और कायर नहीं बनना है। जो अच्छा कर्म करते हैं, उसकी सभी लोग प्रशंसा करते हैं। कायरता को कभी न आने दें। अल्लाह ताला फरमाता है कायर मत बनो। उन्होंने कहा कोई हारे या जीते आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, ऊपर वाला जो करता है अच्छा करता है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी निराश होने की जरूरत नहीं है। अल्लाह वही करता है जो अच्छा होता है। इससे पूर्व जामिया फैजे आम के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। नाजिम मौलाना हबीबुर्रहमान कासमी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर स्कूल के समस्त शिक्षक एवं छात्रों सहित क्षेत्र के अन्य लोग उपस्थित थे। अंत में मौलाना महबूब आलम कासमी फैजाबादी की दुआ के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि धन से किसी समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि धन के बढ़ने से समस्याएं बढ़ती हैं। यदि आप समस्या का समाधान चाहते हैं तो अल्लाह से निकटता पैदा करें, हराम चीजों से दूर रहें, अनावश्यक समय को बर्बाद न करें, विद्वानों से संबंध बढ़ाएं और भ्रम से पूरी तरह दूर रहें। सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान किसी चीज में नहीं बल्कि अल्लाह से नजदीकी कायम करने में है। जिसमें हराम चीज से दूरी, दुनिया का लालच दिल से निकालने, पीड़ित और मजलूम की सहायता करने और ईमानदारी पर चलने आदि की हिदायत की गई है।
विज्ञापन
कहा हम अपनी बीमारी के बारे में नहीं जानते और दूसरों को दोष देते हैं, इसलिए पहले अपनी बीमारी का पता लगाएं और उस पर ध्यान दें। याद रखें कि अल्लाह के नबी हजऱत मुहम्मद साहब ने हर स्थिति का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्यार और मौत के डर ने मुसलमानों की यह स्थिति पैदा की है। उन्होंने कहा कि दुनिया का प्यार, व्यापार का प्यार, धन और बच्चों का प्यार, अमीर बनने का स्वप्न और लालच के साथ मौत का डर हमारे दिल में पैदा हो गया है। जिसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हमें निराश नहीं होना है और कायर नहीं बनना है। जो अच्छा कर्म करते हैं, उसकी सभी लोग प्रशंसा करते हैं। कायरता को कभी न आने दें। अल्लाह ताला फरमाता है कायर मत बनो। उन्होंने कहा कोई हारे या जीते आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, ऊपर वाला जो करता है अच्छा करता है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी निराश होने की जरूरत नहीं है। अल्लाह वही करता है जो अच्छा होता है। इससे पूर्व जामिया फैजे आम के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। नाजिम मौलाना हबीबुर्रहमान कासमी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर स्कूल के समस्त शिक्षक एवं छात्रों सहित क्षेत्र के अन्य लोग उपस्थित थे। अंत में मौलाना महबूब आलम कासमी फैजाबादी की दुआ के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।
विज्ञापन