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Azamgarh News: 20 साल से इफ्तेखार निभा रहे बलिदानी रमेश की बहनों से भाई का रिश्ता
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शहीद रमेश यादव की बहन शशिकला से राखी बंधवाते इफ्तेखार आजमी। संवाद
कारगिल युद्ध में बलिदान हुए नत्थूपुर गांव निवासी रमेश यादव की बहनों के लिए रक्षाबंधन का अब भी भाई के स्नेह का अहसास कराता है। बलिदानी की बहनों शशिकला और चंद्रकला से पिछले 20 वर्षों से अजमतगढ़ निवासी समाजसेवी इफ्तेखार आजमी राखी बंधवाकर भाई का फर्ज निभा रहे हैं।
शुक्रवार को रक्षाबंधन पर इफ्तेखार आजमी बलिदान रमेश यादव के घर पहुंचे और उनकी बहनों से राखी बंधवाई। उन्होंने बहनों को अपना मानकर हर साल इस परंपरा को निभाने का संकल्प लिया है।
मकर संक्रांति पर भी वह हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार बलिदान की बहनों के घर खिचड़ी लेकर पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में रमेश यादव बलिदान हो गए थे। इकलौते बेटे की शहादत से पिता सीताराम यादव के सपने टूट गए।
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छह वर्ष पूर्व उनका भी निधन हो गया। भाई और पिता के चले जाने के बाद बहनों को हर त्योहार पर भाई की कमी खलती थी। इसकी जानकारी नवोदय विद्यालय में वार्डन पद पर कार्यरत इफ्तेखार आजमी को हुई तो उन्होंने भाई की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
इफ्तेखार का कहना है कि रमेश की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन उनकी बहनों को भाई का स्नेह और अपनापन देने की कोशिश हमेशा जारी रहेगी। उनकी यह पहल मजहब से ऊपर उठकर भाईचारे और इंसानियत की मिसाल पेश कर रही है।
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शुक्रवार को रक्षाबंधन पर इफ्तेखार आजमी बलिदान रमेश यादव के घर पहुंचे और उनकी बहनों से राखी बंधवाई। उन्होंने बहनों को अपना मानकर हर साल इस परंपरा को निभाने का संकल्प लिया है।
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मकर संक्रांति पर भी वह हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार बलिदान की बहनों के घर खिचड़ी लेकर पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में रमेश यादव बलिदान हो गए थे। इकलौते बेटे की शहादत से पिता सीताराम यादव के सपने टूट गए।
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छह वर्ष पूर्व उनका भी निधन हो गया। भाई और पिता के चले जाने के बाद बहनों को हर त्योहार पर भाई की कमी खलती थी। इसकी जानकारी नवोदय विद्यालय में वार्डन पद पर कार्यरत इफ्तेखार आजमी को हुई तो उन्होंने भाई की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
इफ्तेखार का कहना है कि रमेश की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन उनकी बहनों को भाई का स्नेह और अपनापन देने की कोशिश हमेशा जारी रहेगी। उनकी यह पहल मजहब से ऊपर उठकर भाईचारे और इंसानियत की मिसाल पेश कर रही है।