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Azamgarh News: विदेश भेजने के नाम पर 2.15 लाख की ठगी

Thu, 26 Dec 2024 04:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 04:56 AM IST
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Fraud of Rs 2.15 lakh in the name of sending money abroad
बिलरियागंज थाना क्षेत्र के हरीपुर गांव निवासी अर्जुन ने तीन आरोपियों पर विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित का आरोप है कि उक्त लोगों द्वारा विदेश भेजने के नाम पर 2.15 लाख रुपये लिए। अमरजीत ने उसे बताया कि दक्षिण अफ्रीका नहीं जाना बल्कि लकड़ी के काम के लिए रूस के शहर मास्को जाना है। इसके बाद दिल्ली से मास्को ले गए, जहां पता चला कि उसे यहां नहीं बल्कि उसे साइबेरियाई संग्रह में जाना है। वहां पहुंचने पर उसे कारपेंटर का काम बताकर मांस की पैकिंग के काम में लगा दिया।
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बिलरियागंज थाना क्षेत्र के हारीपुर गांव निवासी अर्जुन ने थाने पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि रामपुर हजामपट्टी के अमरजीत, राजनाथ व उनके लड़के नीलेश लोगों को मजदूरी के लिए विदेश भेजने का कार्य करते हैं। उन लोगों की बातों पर विश्वास कर अर्जुन ने लकड़ी (कारपेंटर) का काम करने के लिए बात की। उक्त लोग दक्षिण अफ्रीका भेजने के लिए आश्वासन दिए। इसके लिए 1.80 लाख रुपये मांगे।
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अर्जुन ने पैसे का इंतजाम कर तीन अगस्त 2024 को 3500 रुपये मेडिकल के लिए दिया। उसका मेडिकल उक्त लोगों द्वारा आजमगढ़ में कराया गया। इसके बाद पांच सितंबर को नीलेश के खाते में उसके मोबाइल से 10 रुपये दिए। नीलेश को ही पुन: मेडिकल के लिए उसी मोबाइल पर अपने मोबाइल से 1500 रुपये 13 सितंबर 2024 को दिया। यह मेडिकल भी आजमगढ़ में हुआ।
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अमरजीत ने 40 हजार रुपये ऑनलाइन देने को कहा तो अमरजीत के घर से ही 40 हजार रुपये उसके मोबाइल पर भेजा। इसके बाद अमरजीत उसे साथ लेकर लुधियाना पंजाब के ऑफिस में ले गए। फिर 26 सितंबर 2024 को 10-10 हजार रुपये पांच बार निकालकर कुल 50 हजार रुपये उन्हें दिया। इसके बाद 27 सितंबर को 10-10 हजार रुपये चार बार कुल 40 हजार रुपये अपने एटीएम से निकाल कर दिया। इसी तरह बीच-बीच में कुछ और पैसे निकाल कर देता रहा। इसके बाद अमरजीत ने बताया कि उसे दक्षिण अफ्रीका नहीं जाना है, बल्कि रूस मास्को लकड़ी के ही काम में जाना है।

तीन अक्तूबर को दिल्ली से अबू धाबी होते हुए मास्को गया। वहां पर कंपनी के लोगों द्वारा एक दिन रेस्ट करने के बाद पांच अक्तूबर को एसके साइबेरियाई संग्रह कंपनी में काम करने भेज दिया गया। पीड़ित ने बताया कि वहीं, पर गाय व सूअर की मांस पैकिंग करने का काम दिया गया और मासिक वेतन 16,653 रूबल मास्को (रूस) का एक माह का दिया गया जो भारत का 13090 रुपये ही होता है।

पवन कुमार

पवन कुमार

पवन कुमार

पवन कुमार

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