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पूर्व प्रधान ने भतीजे की लाठी-डंडे से पीटकर की हत्या

Sat, 05 Dec 2020 11:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Dec 2020 11:44 PM IST
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Former head murdered nephew by beating him with sticks
ठेकमा। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सराय पलटू गांव में पूर्व प्रधान ने अपने भतीजे की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद पूर्व प्रधान परिजनों समेत मौके से भाग निकला। वहीं घटना से मृतक के परिजन व ग्रामीणों में आक्रोश है। सुबह साढ़े आठ बजे घटना हुई और दोपहर तीन बजे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर एसपी सिटी के साथ ही कई थानों की पुलिस जुटी थी। वहीं चाचा श्याम बिहारी की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व प्रधान समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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सराय पलटू गांव निवासी कन्हैया सात भाई है। इसमें एक भाई महेश गांव का पूर्व प्रधान रह चुका है। शनिवार की सुबह कन्हैया की पुत्री सुमन शौच के लिए गई हुई थी। आरोप है कि शौच से वह लौटी तो चाचा महेश किसी बात को लेकर उसे गालियां देने लगा। इस पर सुमन से यूपी 112 पर फोन कर दिया। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और महेश को थाने लेकर चली गई। कुछ ही देर में पुलिस ने महेश को छोड़ दिया। इसके बाद महेश घर पहुंचा। घर पर सिर्फ कन्हैया का पुत्र अमरनाथ (28) मौजूद था। पुलिस द्वारा पकड़े जाने से नाराज महेश का गुस्सा अमरनाथ पर फूट पड़ा। महेश, उसकी पत्नी व पुत्र ने मिल कर अमरनाथ पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। उसकी तब तक पिटाई की गई जब तक अमरनाथ ने मौके पर ही दम न तोड़ दिया। युवक की मौत होते ही हमलावर पूर्व प्रधान परिवार सहित मौके से फरार हो गया। वहीं सूचना पर अमरनाथ के परिजन खेत से पहुंचे तो पुत्र की लाश देख कर आक्रोशित हो उठे। वहीं सूचना पर गंभीरपुर थाना के साथ ही कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने शव पोस्टमार्टम में देने से इंकार कर दिया उनकी मांग थी कि पहले हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया जाए। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, मौके पर फोर्स जुटी हुई है। तीन बजे पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। वहीं घटना के बाबत मृतक के चाचा श्याम बिहारी ने पूर्व प्रधान महेश, उसकी पत्नी राजवती व पुत्र शुभम उर्फ गोलू के खिलाफ नामजद तहरीर दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा भी पंजीकृत कर लिया है।
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पारिवारिक झगड़े में युवक की हत्या हुई है। जहां तक पुलिस की बात है तो पीआरवी पहुंची थी, हत्यारोपी को घटना के पहले ही ले गई थी और फिर छोड़ भी दी। ऐसा परिजनों का आरोप है, इसकी जांच कराई जाएगी। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जुट गई है। जल्द हत्यारोपी गिरफ्त में होंगे।
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पंकज पांडेय, एसपी सिटी
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साइड स्टोरी....
पुलिस लापरवाही के चलते अमरनाथ की हुई हत्या
विवाद की सूचना पर पकड़ने के बाद पुलिस ने दिया था छोड़
मुकदमा दर्ज, चाचा की तहरीर पर पूर्व प्रधान समेत तीन नामजद
संवाद न्यूज एजेंसी
ठेकमा। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सराय पलटू गांव निवासी अमरनाथ की हत्या में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। यही कारण था कि परिजन व ग्रामीण पुलिस पर आक्रोशित थे और घंटों मशक्कत के बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी है। चाचा श्याम बिहारी की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व प्रधान समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अमरनाथ के पिता कन्हैया रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में रहते हैं। घर पर अमरनाथ अपने एक भाई-एक बहन व मां के साथ रहता था। सुबह पूर्व प्रधान महेश ने मृतक की बहन सुनीता के साथ कहासुनी की थी, जिसपर सुमन ने पुलिस को फोन किया। यूपी 112 टीम मौके पर आई और दोनों पक्षों को थाने ले जाने के बजाए पूर्व प्रधान महेश को ही लेकर गई। इतना ही नहीं कुछ ही देर बाद उसे छोड़ भी दिया। हालांकि ग्रामीण इसके पीछे पैसे के लेनदेन का आरोप लगा रहे हैं। कुछ ही देर में छूट जाने से महेश का हौसला बुलंद था और वह घर पहुंचा तो सामने अमरनाथ ही मिला गया, जिसके साथ उसकी फिर कहासुनी होने लगी। अमरनाथ के विरोध करने पर आरोपी ने लाठी डंडे से पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस की इस लापरवाही को लेकर ही परिजनों व ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश था। जिसके चलते कई थानों की फोर्स के साथ ही एसपी सुधीर सिंह को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। एसपी के आश्वासन पर परिजन व ग्रामीण शांत हुए और छह घंटे बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी।
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शौचालय की गंदगी बनी घटना की वजह
ठेकमा। अमरनाथ की हत्या के पूर्व उसकी बहन व पूर्व प्रधान के बीच हुआ विवाद कोई बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन पूर्व प्रधान होने के चलते महेश मनबढ़ था। अमरनाथ की बहन शौचालय से बाहर निकली तो शौचालय में कुछ गंदगी रह गई थी, जिस पर महेश ने मृतक के बहन को गालियां दे दी। जिससे क्षुब्ध होकर उसने पुलिस को फोन कर दिया। शौचालय की गंदगी ही इतनी बड़ी घटना का कारण बन गई।

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छह घंटे की मशक्कत के बाद पोस्टमार्टम में गया शव
ठेकमा। पुलिस के प्रति ग्रामीणों व परिजनों में काफी आक्रोश था। यही कारण था कि मृतक की बॉडी पीएम के लिए कब्जे में लेने में पुलिस को छह घंटे का समय लग गया। परिजन अमरनाथ का शव घर के बाहर रखे हुए थे लेकिन पुलिस को कब्जे में लेने नहीं दे रहे थे। एसपी, एसपी सिटी, सीओ लालगंज समेत काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर जुटी थी। एसपी के मान-मनौव्वल के बाद परिजन व ग्रामीण पीएम के लिए शव देने को राजी हुए।
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