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Azamgarh News: लावारिश लाशों के लिए मिलता है केवल 100 रुपये ठेले का भाड़ा

Wed, 19 Mar 2025 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Mar 2025 11:48 PM IST
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For unclaimed corpses, only 100 rupees are given as cart fare
आजमगढ़। जनपद में रेलवे ट्रैक और आसपास की झाड़ियों में आए दिन शव बरामद होते हैं। कुछ की पहचान होती है तो बिना शिनाख्त के ही रह जाते हैं। इन शवों के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस को बहुत कम धनराशि दी जाती है। बताया जा रहा है लकड़ी घाट तक पहुंचाने के लिए ठेले का भाड़ा मात्र 100 रुपया दिया जाता है। इसके कारण जिले में अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी जन सहयोग से सामाजिक संगठन उठाते हैं। पुलिस उन्हें ही शव मुहैया करा देती है यही लोग उनका दाह संस्कार करते हैं। जिले में अब तक 631 लावारिश शवों को दाह संस्कार जन सहयोग से सामाजिक संगठन कर चुके हैं।
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जिले में अक्सर कहीं न कहीं लावारिश शव बरामद होेते रहते हैं। पुलिस इन्हें पोस्टमार्टम हाउस में रखकर शिनाख्त का प्रयास कराती है। इनमें से ज्यादातर शवों की शिनाख्त तो हो जाती है लेकिन कुछ शव ऐसे रह जाते हैं जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाती है। इसके बाद पुलिस की ओर से इन शवों का अंतिम संस्कार कराया जाता है। अंतिम संस्कार में कम से कम 1300 से 1400 रुपये का खर्च आता है। जबकि पुलिस को इतनी धनराशि नहीं मिलती है। इसके कारण जनपद में पुलिस द्वारा इन शवों को अंतिम संस्कार के लिए सामाजिक संगठन भारत रक्षा दल को सौंप दिया जाता है। जो विगत कई सालों से लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करते चले आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक कुल 59 शवों का दाह संस्कार किया जा चुका है। संस्था पितृपक्ष में इन लावारिश मृतकों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान भी करती है।
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लावारिश शवों के अंतिम संस्कार के लिए कितनी धनराशि मिलती है इसकी जानकारी तो हमें नहीं है। लेकिन शासन से जो धनराशि एकमुश्त मिलती है। उसे हर थाने में वितरित कर दिया जाता है।
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शैलेंद्र लाल, एसपी सिटी।
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लावारिश शवों की बेकद्री को देखते हुए हमारे संगठन ने उनके अंतिम संस्कार का निर्णय लिया था। कई वर्षों से हम इस कार्य को करते आ रहे हैं। पुलिस शवों को हमें देती है और हम उसका अंतिम संस्कार करते हैं।
हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारत रक्षा दल।
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