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कूटरचित दस्तावेज लगाकर नौकरी कर रहे 10 लोगों पर एफआईआर
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आजमगढ़। जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित हरिजन बाल विद्या मंदिर सैदपुर में वर्ष 1994 में कूट रचित दस्तावेज लगाकर 10 लोगों ने नियुक्ति पाई थी। शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी ने मामले की जांच शुरू कर दी। जांच में फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी करना पाया गया। सीडीओ के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) विनोद कुमार सिंह ने दस लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराया है। इसमें नौ सहायक अध्यापक व एक तत्कालीन प्रबंधक शामिल है। मजे की बात यह है कि इसमें दो सहायक अध्यापक सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। वहीं एक सहायक अध्यापक निलंबित है।
मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि हरिजन बाल विद्या मंदिर सैदपुर में वर्ष 1994 में दस लोगों की नियुक्ति हुई थी। जिसमें नौ सहायक अध्यापक व एक प्रबंधक के पद पर तैनात रहा। उन्होंने बताया कि फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच की गई तो पूरी कलई ही खुल गई। उन्होंने बताया कि सहायक अध्यापक देवेंद्र कुमार सिंह, सतीष चंद गुप्ता, अशोक कुमार सिंह, दूधनाथ, मुख्खू राम, रामधारी यादव, रमेश सिंह, राजेश सिंह व पवन कुमार सिंह उर्फ गोपाल सिंह हैं। वहीं तत्कालीन प्रबंधक विजय प्रकाश सिंह शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मुख्खू राम व रामधारी यादव पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि सहायक अध्यापक रमेश सिंह निलंबित हैं। उक्त लोगों का दस्तावेज कूटरचित पाया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) विनोद कुमार सिंह ने शहर कोतवाली में उक्त दसों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।
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मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि हरिजन बाल विद्या मंदिर सैदपुर में वर्ष 1994 में दस लोगों की नियुक्ति हुई थी। जिसमें नौ सहायक अध्यापक व एक प्रबंधक के पद पर तैनात रहा। उन्होंने बताया कि फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच की गई तो पूरी कलई ही खुल गई। उन्होंने बताया कि सहायक अध्यापक देवेंद्र कुमार सिंह, सतीष चंद गुप्ता, अशोक कुमार सिंह, दूधनाथ, मुख्खू राम, रामधारी यादव, रमेश सिंह, राजेश सिंह व पवन कुमार सिंह उर्फ गोपाल सिंह हैं। वहीं तत्कालीन प्रबंधक विजय प्रकाश सिंह शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मुख्खू राम व रामधारी यादव पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि सहायक अध्यापक रमेश सिंह निलंबित हैं। उक्त लोगों का दस्तावेज कूटरचित पाया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) विनोद कुमार सिंह ने शहर कोतवाली में उक्त दसों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।
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