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प्रधान हत्याकांड : तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात पर एफआईआर, बांसगांव में सन्नाटा
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आजमगढ़। एक दिन पहले जनपद में चर्चा के केंद्र बने तरवां थाने के बांसगांव में शुक्रवार को तनावपूर्ण शांति रही। गांव में अब भी पीएसी तैनात है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को गांव में हुई तोड़फोड़ के मामले में छह अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस प्रकरण में अभी तक तीन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वहीं प्रधान की हत्या के मामले में दो आरोपी अब भी फरार चल रहे हैं। शनिवार को गांव में सपा प्रतिनिधिमंडल ने जाने की घोषणा की है। तरवां थाने के गांव बांसगांव में प्रधान सत्यमेव जयते की गांव स्थित श्री कृष्ण पीजी कालेज के पास स्थित पोखरी पर बुला कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में प्रधान की पत्नी ने चार लोगों को नामजद किया था। अब तक पुलिस मात्र दो हत्यारोपी को ही गिरफ्तार कर सकी है। बृहस्पतिवार को मामले को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के गांव में जाने से रोकते हुए पुलिस ने उन्हें सर्किट हाउस में नजरबंद कर दिया था। वहीं, आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर को अतरौलिया के लोहरा टोल प्लाजा पर रोक दिया गया था।
इसे लेकर परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में आक्रोश है। वहीं बृहस्पतिवार को गांव में श्रद्धांजलि सभा के दौरान भी पुलिस ने परिजनों व समर्थकों को परेशान किया। श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने आए लोगों की बाइक व अन्य वाहनों को थाने उठा ले गई। नामजद सभी आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होने से लोगों में पुलिस महकमे के लिए खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर बड़ा आंदोलन भी छेड़ा जा सकता है। ग्रामीणों ने तरवां थाना पुलिस पर इस प्रकरण में लापरवाही बरतने व जानबूझ कर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न करने का आरोप भी लगाया है। वहीं एडीएम नरेंद्र सिंह का कहना है कि किसी ने भी बांसगांव जाने की अनुमति नहीं ली है। अगर बिना अनुमति वहां कोई जाता है या कानून व्यवस्था को हाथ लेता है तो कार्रवाई की जाएगी।
उधर शुक्रवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को पत्रक दिया। दिए गए पत्रक में मृतक प्रधान के परिवार वालों की मांगों को पूरा किए जाने के साथ ही मोटर साइकिल और साइकिल को दो दिनों में छुड़वाए जाने का अनुरोध किया गया। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो भीम आर्मी संवैधानिक तरीके से संघर्ष करने के लिए बाध्य होगी। जिला संयोजक बलिराम आजाद, जिला महासचिव धर्मवीर भारती, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष पप्पू प्रधान आदि उपस्थित रहे।
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इसे लेकर परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में आक्रोश है। वहीं बृहस्पतिवार को गांव में श्रद्धांजलि सभा के दौरान भी पुलिस ने परिजनों व समर्थकों को परेशान किया। श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने आए लोगों की बाइक व अन्य वाहनों को थाने उठा ले गई। नामजद सभी आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होने से लोगों में पुलिस महकमे के लिए खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर बड़ा आंदोलन भी छेड़ा जा सकता है। ग्रामीणों ने तरवां थाना पुलिस पर इस प्रकरण में लापरवाही बरतने व जानबूझ कर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न करने का आरोप भी लगाया है। वहीं एडीएम नरेंद्र सिंह का कहना है कि किसी ने भी बांसगांव जाने की अनुमति नहीं ली है। अगर बिना अनुमति वहां कोई जाता है या कानून व्यवस्था को हाथ लेता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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उधर शुक्रवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को पत्रक दिया। दिए गए पत्रक में मृतक प्रधान के परिवार वालों की मांगों को पूरा किए जाने के साथ ही मोटर साइकिल और साइकिल को दो दिनों में छुड़वाए जाने का अनुरोध किया गया। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो भीम आर्मी संवैधानिक तरीके से संघर्ष करने के लिए बाध्य होगी। जिला संयोजक बलिराम आजाद, जिला महासचिव धर्मवीर भारती, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष पप्पू प्रधान आदि उपस्थित रहे।
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