फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Father 13 children with head lifted

13 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

Mon, 15 Aug 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ Updated Mon, 15 Aug 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
 Father 13 children with head lifted
फैजाबाद हादसा
फैजाबाद जिले के रौनाही थाने के सामने रविवार की रात हुए सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत होने से कप्तानगंज और कंधरापुर थाना क्षेत्र के चार गांवों में कोहराम मच गया। इनकी मौत से 13 बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया। गांव का आलम यह था कि पीड़ित परिवार को सांत्वना देने आए रिश्तेदारों सहित गांव के लोगों का कलेजा फट जा रहा था। हर तरफ महिलाओं की चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी। घटना को लेकर क्षेत्र में मातम छा गया है।
विज्ञापन


कप्तानगंज थाना क्षेत्र के जेहरा पिपरी गांव के निवासी सुनील कुमार निषाद (23) तीन भाइयों में छोटा था। वह दो माह पूर्व ही पिता बना था। आरा मशीन मालिक सुनील बेटा पैदा होने के बाद निशानी के तौर पर नई एसयूवी खरीदी थी। सुनील की नई गाड़ी में उसके मित्र और सहकर्मी कंधरापुर थाने के जोलहा जमाआं गांव निवासी चुन्नीलाल विश्वकर्मा (45), सुभाष यादव (30), कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदूरी गांव निवासी अभिषेक मौर्य (25), जिगना करमनपुर गांव निवासी पप्पू विश्वकर्मा (35), कप्तानगंज थाना क्षेत्र के जेहरा पिपरी गांव निवासी अनिल कुमार (45), कप्तानगंज बाजार निवासी अर्जुन सोनकर (20) और कंधरापुर थाने के देवखरी गांव निवासी मनोज विश्वकर्मा (36) गाड़ी में बैठकर रविवार की शाम छह बजे अयोध्या में दर्शन पूजन करने गए थे।
विज्ञापन


वहां से सभी लखनऊ में चिड़ियाघर देखने जा रहे थे। इसी दौरान ट्रक की टक्कर में सभी की मौत हो गई। चुन्नीलाल तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और चार बच्चों का पिता, सुभाष यादव तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर दो बच्चों का पिता था। अभिषेक मौर्य की फरवरी 2015 में शादी हुई थी। वह दो भाइयों और एक बहन में छोटा था। चार बच्चों का पिता पप्पू विश्वकर्मा और दो बच्चों का पिता अनिल कुमार अपनी पिता की इकलौती संतान था। जबकि अर्जुन पांच भाई और दो बहनों में चौथे नंबर पर था। उसकी शादी नहीं हुई थी। इन सभी लोगों का घर कप्तानगंज बाजार के आसपास है। एक किलोमीटर की परिधि में इनका गांव है। अभिषेक को छोड़ अन्य लोग लकड़ी का कारोबार करते थे। ये आपस में अच्छे दोस्त थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खुद फ्रेम में उतर गया फोटो खींचने वाला
कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदूरी गांव निवासी अभिषेक मौर्य दो भाई और एक बहन में छोटा था। परिवार की जीविका चलाने के लिए अभिषेक कप्तानगंज बाजार में फोटो स्टूडियो चलाता था। फोटोग्राफी में माहिर अभिषेक की फोटोग्राफी की तारीफ आसपास के गांवों में होती थी। उसकी मौत के बाद क्षेत्र में यही चर्चा थी कि लोगों का फोटो फ्रेम तैयार कराने वाला आज खुद ही फ्रेम में उतर गया।

अब किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी बहनें
जिगना करमनपुर गांव निवासी पप्पू विश्वकर्मा के पिता की मौत हो चुकी है। ऐसे में चार बच्चों, पत्नी, बूढ़ी मां का वही सहारा था। चार बहनों में इकलौते भाई पप्पू की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। छोटी बहन कुसुम घर पर है। घर की जिम्मेदारी बूढ़ी मां अंतराजी देवी के कंधों पर आ गई है। रविवार को इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही अंतराजी के मुंह से यही बोल निकल रहा था-अब बहनें रक्षाबंधन पर किसके हाथ पर राखी बांधेंगी।

 
मंत्रियों ने बंधाया ढांढस
फैजाबाद में हुई सड़क दुर्घटना में मृत आठ लोगों के घर रविवार को कैबिनेट मंत्री बलराम यादव, दुर्गा प्रसाद यादव और राज्यमंत्री वसीम अहमद पहुंचे। परिवारवालों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाते हुए सरकार की तरफ से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed