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Azamgarh News: धान की जल्द कटाई कर लें किसान, 28 से आने वाला है तूफान
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बरदह में खेत में लहलहा रही धान की फसल। संवाद
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से उठ रहे चक्रवाती तूफान का असर 28 अक्तूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में पड़ने की संभावना है। इसके चलते बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चल सकती है।
ऐसे में खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसे देखते हुए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द अगेती धान की कटाई कर फसल सुरक्षित कर लें।
1.68 लाख हेक्टेयर में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान खेतों में तैयार खड़ी है। अगेती किस्मों की फसल पक चुकी है और किसान कटाई कर उसे समेटने में जुटे हैं। वहीं, पछेती किस्मों का धान भी पकने की कगार पर है।
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ऐसे में मौसम में संभावित बदलाव किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। यदि तेज हवा के साथ बारिश होती है, तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज को भी नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों के सामने फसल को सुरक्षित रखने के साथ ही रबी सीजन की तैयारी की चुनौती भी है। जिले में चना और सरसों की बोआई शुरू हो गई है। बारिश होने पर खेतों में नमी बढ़ने से रबी फसलों की बोआई का काम भी प्रभावित हो सकता है।
मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई धान की फसल की कटाई में तेजी लाएं। कटी हुई फसल को खुले खेतों में लंबे समय तक न छोड़ें और सुरक्षित स्थान पर रखें।
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28 से पूर्वी उत्तर प्रदेश में शुरू हो सकती है बारिश
मौसम विभाग लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अवदाब में गहरा होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 25 अक्तूबर को गहन अवदाब और 26 अक्तूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में तीव्र होने की संभावना है। इसके अगले दो दिनों के दौरान और अधिक तीव्र होते हुए आगे बढ़ने की संभावना है। इसके 28 अक्तूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने की संभावना है। इससे प्रदेश में बेमौसम वर्षा का एक और दौर संभावित है।
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ऐसे में खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसे देखते हुए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द अगेती धान की कटाई कर फसल सुरक्षित कर लें।
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1.68 लाख हेक्टेयर में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान खेतों में तैयार खड़ी है। अगेती किस्मों की फसल पक चुकी है और किसान कटाई कर उसे समेटने में जुटे हैं। वहीं, पछेती किस्मों का धान भी पकने की कगार पर है।
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ऐसे में मौसम में संभावित बदलाव किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। यदि तेज हवा के साथ बारिश होती है, तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज को भी नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों के सामने फसल को सुरक्षित रखने के साथ ही रबी सीजन की तैयारी की चुनौती भी है। जिले में चना और सरसों की बोआई शुरू हो गई है। बारिश होने पर खेतों में नमी बढ़ने से रबी फसलों की बोआई का काम भी प्रभावित हो सकता है।
मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई धान की फसल की कटाई में तेजी लाएं। कटी हुई फसल को खुले खेतों में लंबे समय तक न छोड़ें और सुरक्षित स्थान पर रखें।
28 से पूर्वी उत्तर प्रदेश में शुरू हो सकती है बारिश
मौसम विभाग लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अवदाब में गहरा होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 25 अक्तूबर को गहन अवदाब और 26 अक्तूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में तीव्र होने की संभावना है। इसके अगले दो दिनों के दौरान और अधिक तीव्र होते हुए आगे बढ़ने की संभावना है। इसके 28 अक्तूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने की संभावना है। इससे प्रदेश में बेमौसम वर्षा का एक और दौर संभावित है।