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पुरुवइया ने बढ़ाई किसानों की बेचैनी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 04 Apr 2016 11:56 PM IST
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गेंहूं
- फोटो : concept photo
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एक पखवारा पहले बिगड़े मौसम के साथ हुई बरसात से दहले किसानों के दिलों की धड़कन दो दिन से चल रही पुरुवइया ने बढ़ा दी है। विशेषज्ञों की माने तो यदि बारिश हुई तो मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
बीते दो वर्षों से खराब मौसम के चलते ऐनवक्त पर तैयार फसल बर्बाद हो गई। 15 दिन पहले हुई बरसात और कुछ स्थानों पर ओलावृषि्ट ने किसानों की समस्या को बढ़ा दी थी। बरसात से मुक्ति मिली तो तेज हवा ने गेंहू के दाने को प्रभावित कर दिया।
इस बीच दो दिन से पुरुवा हवा चल रही है। जो किसानों के दिलों की धड़कनों को बढ़ा रही। जिला कृषि अधिकारी बसंत लाल दूबे की माने तो इस वर्ष जिले में 2.65 लाख हेक्टेयर भूमि पर रवि की फसल बुआई करने का लक्ष्य था। जो बीते वर्ष की तुलना में पांच हजार हेक्टेयर ज्यादा रखा गया था। अनुमान है कि प्रति हेक्टेयर 32 कुंतल गेंहू का उत्पादन होगा लेकिन बारिश हुई तो फसल बर्बाद हो सकती है।
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बीते दो वर्षों से खराब मौसम के चलते ऐनवक्त पर तैयार फसल बर्बाद हो गई। 15 दिन पहले हुई बरसात और कुछ स्थानों पर ओलावृषि्ट ने किसानों की समस्या को बढ़ा दी थी। बरसात से मुक्ति मिली तो तेज हवा ने गेंहू के दाने को प्रभावित कर दिया।
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इस बीच दो दिन से पुरुवा हवा चल रही है। जो किसानों के दिलों की धड़कनों को बढ़ा रही। जिला कृषि अधिकारी बसंत लाल दूबे की माने तो इस वर्ष जिले में 2.65 लाख हेक्टेयर भूमि पर रवि की फसल बुआई करने का लक्ष्य था। जो बीते वर्ष की तुलना में पांच हजार हेक्टेयर ज्यादा रखा गया था। अनुमान है कि प्रति हेक्टेयर 32 कुंतल गेंहू का उत्पादन होगा लेकिन बारिश हुई तो फसल बर्बाद हो सकती है।
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