अतरौलिया। विकास खंड कार्यालय में बुधवार को भी ग्रामीणों ने काफी संख्या में छुट्टा पशुओं को बंद कर दिया। मंगलवार को बंद किए गए कुछ पशुओं को ब्लाक में जहां रखा गया था, जिसे ब्लाक कर्मियों ने रात में छोड़ दिया। ब्लाक कर्मियों की इस हरकत पर ग्रामीण आक्रोशित थे।
बढ़ती संख्या में छुट्टा पशु लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। विकास खंड अतरौलिया क्षेत्र के सिकंदरपुर, देवारापट्टी, छितौनी, मनवपुर आदि गांव में छुट्टा पशुओं के आतंक से किसान सर्वाधिक परेशान है। वहीं 100 शैय्या अस्पताल के पास सैकड़ों पशु डेरा डाले रहते। जिस भी तरफ इनका झुड़ गुजरता है, उस तरफ की पूरी फसलों को बर्बाद कर देते है। इससे परेशान हाल ग्रामीणों ने मंगलवार को काफी संख्या में मवेशियों को हांकते हुए विकास खंड अतरौलिया कार्यालय में ले जाकर बंद कर दिया था। जहां से एसडीएम ने काफी मवेशियों को वाहन पर लदवा कर अस्थायी पशु आश्रय स्थल बस्ती भुजवल भेजवा दिया था। कुछ मवेशी रह गये थे जिन्हे बुधवार को भेजे जाने की योजना था। रात में ब्लाक कर्मियों ने बंद मवेशियों को भगा दिया। जिसके चलते उक्त मवेशी पुन: किसानों के खेतों में पहुंच कर फसलों को नुकसान करने लगे। बुधवार की सुबह आक्रोशित ग्रामीणों ने मवेशियों को पुन: ब्लाक परिसर में ले जाकर बंद कर दिया। दूसरे दिन भी ब्लाक में मवेशियों को बंद किये जाने पुन: हड़कंप मच गया। एसडीएम बूढनपुर दिनेश चंद्र मिश्रा के निर्देश पर आनन-फानन में पुन: वाहन लगा कर छुट्टा मवेशियों को अस्थायी आश्रय स्थल भेजा गया।