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मोहम्मद साहब पर टिप्पणी नागवार
ब्यूरो/ अमर उजाला आजमगढ़
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:27 PM IST
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हजरत मोहम्मद साहब के खिलाफ टिप्पणी के विरोध की आंच शुक्रवार को आजमगढ़ आ पहुंची। मुहल्ला बदरका स्थित कर्बला के मैदान में जनसभा कर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी को फांसी देने की मांग की।
जनसभा के माध्यम से मस्जिदों के इमामों ने किसी भी धर्म के खिलाफ बोलने वालों की निंदा की। साथ ही ऐसे लोगों को सजा दिए जाने के लिए केंद्र सरकार से कानून बनाए जाने की मांग उठाई। अंत में एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जनसभा के पास भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। एसपी के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
शिब्ली एकेडमी के स्कालर उमैर सिद्दीकी नदवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब पूरी दुनियां के लिए एक पथ प्रदर्शक थे। अगर इनके खिलाफ कोई बोलता है तो हमारे सभी हिंदू -मुस्लिम भाइयों को एक साथ मिलकर विरोध करना चाहिए। हमारे देश में चाहे राम हो या कृष्ण, किसी के खिलाफ बोलने का किसी को कोई अधिकार नहीं है।
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देश की गंगा जमुनी तहजीब को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। ऐसे लोगों की जगह जेल होनी चाहिए। राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि हम नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले को कत्तई बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि हमारे देश में सभी धर्मों के लोग निवास करते हैं।
किसी भी धर्म के खिलाफ बोलने वाले को सजा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार को मिलकर कड़ा कानून बनाना चाहिए। दलालघाट मस्जिद के इमाम मौलाना जावेद ने कहा कि हम सभी को सभी धर्मों की इज्जत करनी चाहिए। इस मामले पर दोनों सरकारों को ठोस कदम उठाना चाहिए था।
राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के युवा प्रदेश अध्यक्ष नूरुलहुदा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में रह रहे मुस्लिम नेताओं ने इस मुद्दे के खिलाफ कोई भी आवाज नहीं उठाई है, इसका खामियाजा उन्हें आगामी विधान सभा के चुनाव में चुकाना पड़ेगा।
जनसभा को कटरा और बागमीरपेटू मस्जिद के इमाम मौलाना कमर अब्बासी, मौलाना जमाल ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता जामा मस्जिद के इमाम मौलाना इंतखाब आलम कासमी और संचालन जिला हज ट्रेनर सलीम अहमद नेे की।
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जनसभा के माध्यम से मस्जिदों के इमामों ने किसी भी धर्म के खिलाफ बोलने वालों की निंदा की। साथ ही ऐसे लोगों को सजा दिए जाने के लिए केंद्र सरकार से कानून बनाए जाने की मांग उठाई। अंत में एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जनसभा के पास भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। एसपी के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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शिब्ली एकेडमी के स्कालर उमैर सिद्दीकी नदवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब पूरी दुनियां के लिए एक पथ प्रदर्शक थे। अगर इनके खिलाफ कोई बोलता है तो हमारे सभी हिंदू -मुस्लिम भाइयों को एक साथ मिलकर विरोध करना चाहिए। हमारे देश में चाहे राम हो या कृष्ण, किसी के खिलाफ बोलने का किसी को कोई अधिकार नहीं है।
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देश की गंगा जमुनी तहजीब को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। ऐसे लोगों की जगह जेल होनी चाहिए। राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि हम नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले को कत्तई बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि हमारे देश में सभी धर्मों के लोग निवास करते हैं।
किसी भी धर्म के खिलाफ बोलने वाले को सजा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार को मिलकर कड़ा कानून बनाना चाहिए। दलालघाट मस्जिद के इमाम मौलाना जावेद ने कहा कि हम सभी को सभी धर्मों की इज्जत करनी चाहिए। इस मामले पर दोनों सरकारों को ठोस कदम उठाना चाहिए था।
राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के युवा प्रदेश अध्यक्ष नूरुलहुदा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में रह रहे मुस्लिम नेताओं ने इस मुद्दे के खिलाफ कोई भी आवाज नहीं उठाई है, इसका खामियाजा उन्हें आगामी विधान सभा के चुनाव में चुकाना पड़ेगा।
जनसभा को कटरा और बागमीरपेटू मस्जिद के इमाम मौलाना कमर अब्बासी, मौलाना जमाल ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता जामा मस्जिद के इमाम मौलाना इंतखाब आलम कासमी और संचालन जिला हज ट्रेनर सलीम अहमद नेे की।