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डीआईओएस कार्यालय के परीक्षा बाबू को नहीं पता इंटर में कितने परीक्षार्थी
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आजमगढ़। इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की पोल खुल रही है। डीआईओएस कार्यालय के परीक्षा बाबू को ही नहीं पता कि कितने परीक्षार्थी इंटरमीडिएट में हैं। परीक्षा के पहले ही दिन उनका पूरे दिन आंकड़ेबाजी का खेल चलता रहा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा 24 मार्च को शुरू हुई। हाईस्कूल के 96625 व इंटरमीडिएट के 81210 परीक्षार्थी पंजीकृत है। जिले में कुल 297 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए प्रशासन ने खूब दावे किए लेकिन पहले ही दिन व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आईं। पहले दिन सुबह आठ बजे से हाईस्कूल की प्रारंभिक हिंदी व इंटर की सैन्य विज्ञान की परीक्षा हुई। वहीं दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा थी। डीआईओएस कार्यालय में एक कर्मचारी को परीक्षा बाबू बनाया गया है जो सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं। परीक्षा के पहले ही दिन परीक्षा बाबू ने बताया कि पहली पाली में हाईस्कूल के 77350 छात्र पंजीकृत हैं, जिसमें 67834 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 9516 बच्चे अनुपस्थित रहे। वहीं इंटर में नौ छात्र पंजीकृत थे जिसमें सभी ने परीक्षा दी है। वहीं दूसरी पाली में इंटर के 50464 छात्र पंजीकृत हैं, जिसमें से मात्र 45050 बच्चे उपस्थित थे। जबकि 5414 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। उक्त आंकड़े परीक्षा बाबू के थे। जबकि इंटर में हिंदी सामान्य अनिवार्य विषय है। सभी 81210 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। ऐसे में साफ है कि बिना जानकारी के परीक्षा बाबू गलत आंकड़े बताते रहे।
जिले के डीआईओएस डॉ. पीके उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा बाबू के पास काम अधिक है। जल्दबाजी में उन्होंने गलत आंकड़ा बता दिया होगा। फिर भी ये उनकी चूंक है। इसपर ध्यान देने की जरूरत थी। उन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे गलत आंकड़े न बताएं।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा 24 मार्च को शुरू हुई। हाईस्कूल के 96625 व इंटरमीडिएट के 81210 परीक्षार्थी पंजीकृत है। जिले में कुल 297 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए प्रशासन ने खूब दावे किए लेकिन पहले ही दिन व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आईं। पहले दिन सुबह आठ बजे से हाईस्कूल की प्रारंभिक हिंदी व इंटर की सैन्य विज्ञान की परीक्षा हुई। वहीं दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा थी। डीआईओएस कार्यालय में एक कर्मचारी को परीक्षा बाबू बनाया गया है जो सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं। परीक्षा के पहले ही दिन परीक्षा बाबू ने बताया कि पहली पाली में हाईस्कूल के 77350 छात्र पंजीकृत हैं, जिसमें 67834 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 9516 बच्चे अनुपस्थित रहे। वहीं इंटर में नौ छात्र पंजीकृत थे जिसमें सभी ने परीक्षा दी है। वहीं दूसरी पाली में इंटर के 50464 छात्र पंजीकृत हैं, जिसमें से मात्र 45050 बच्चे उपस्थित थे। जबकि 5414 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। उक्त आंकड़े परीक्षा बाबू के थे। जबकि इंटर में हिंदी सामान्य अनिवार्य विषय है। सभी 81210 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। ऐसे में साफ है कि बिना जानकारी के परीक्षा बाबू गलत आंकड़े बताते रहे।
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जिले के डीआईओएस डॉ. पीके उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा बाबू के पास काम अधिक है। जल्दबाजी में उन्होंने गलत आंकड़ा बता दिया होगा। फिर भी ये उनकी चूंक है। इसपर ध्यान देने की जरूरत थी। उन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे गलत आंकड़े न बताएं।
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