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सभी कर रहे दुआ, यूक्रेन से सकुशल लौट आएं बच्चे

Fri, 25 Feb 2022 11:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 11:38 PM IST
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Everyone is praying, children should return safely from Ukraine
एमबीबीएस की छात्रा रेनू यादव द्वारा यूक्रेन में हुए हमले की भेजी गई तस्वीर । - फोटो : AZAMGARH
यूूक्रेन पर रूस के हमले के कारण वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जिले के छह छात्र और छात्राएं फंसी हुईं हैं। इन छात्रों के परिजन जहां फोन से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अभिभावक बच्चों के सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
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नगर के हीरापट्टी निवासी अनिल विश्वकर्मा ने शुक्रवार की सुबह अपने बेटे विनीत विश्वकर्मा से बात की थी। उन्होंने बताया कि बच्चे अभी तक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बेटा पहले जिस फ्लैट में वह रहता था उसमें किसी को जाने की इजाजत नहीं थी। वर्तमान में उसके पास उसके दो तीन मित्र पहुंच गए हैं। एंबेसी की तरफ से उनसे संपर्क किया गया था लेकिन कब तक निकाला जाएगा। इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया। हमारी ईश्वर से यही प्रार्थना है कि किसी तरह से हमारा बेटा सकुशल घर आए।
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सगड़ी : जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के खतीबपुर गांव की छात्रा रेनू यादव के भाई डॉ. सत्यशील ने बताया कि शुक्रवार की सुबह 10:45 बजे रेनू से बात हुई। उन्होंने बताया सिर्फ कागजी कार्य किया जा रहा है। उनको वापस भेजने की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यूक्रेन में आपातकाल लगा दिया गया है। स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। हमको यही चिंता सता रही है कि हमारी बहन कब सुरक्षित अपने घर वापस आएगी। बृहस्पतिवार को दूतावास द्वारा रेनू का पता ले लिया गया था। यह कहते कहते डॉ. सत्यशील की आंखों से आंसू निकलने लगे। निजामाबाद प्रतिनिधि के अनुसार अमित यादव व अवनीश यादव के पिता डॉ. गिरिजेश यादव ने बताया कि वह बड़ी बेसब्री से अपने परिवार के बच्चों का इंतजार कर रहे हैं। वह चाह रहे हैं कि यूक्रेन की लड़ाई जल्द समाप्त हो और परिवार के लोग एमबीबीएस मेडिसिन की पढ़ाई कर सकुशल अपने परिवार में पहुंचे। परिवार में अमित यादव और अवनीश कुमार यादव की माता इशरावती देवी अपने बच्चों के इंतजार में घर पर बैठी हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से यूक्रेन में फंसे भारतीयों को बुलाने की गुहार लगाई है। अमित यादव और अवनीश कुमार यादव से वीडियो कॉलिंग बात होने के बाद यह पता चला है कि वह दोनों युवक यूक्रेन में अपने हॉस्टल में 15 दिन का राशन पानी और पैसा लेकर अपने घर जाने का इंतजार कर रहे हैं।
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लगा नाइट कर्फ्यू, रुक-रुक कर हो रहे धमाके
आजमगढ़। हीरापट्टी निवासी अनिल विश्वकर्मा के पुत्र विनीत विश्वकर्मा से अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को बात की। इस दौरान विनीत ने बताया कि यहां हालात काफी खराब हैं। ओडेसा में रूसी सेना बृहस्पतिवार की रात लगभग दो से तीन बजे ही प्रवेश कर गई। पूरी सड़क पर रूसी सैनिक दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र में नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है। एंबेसी से उनसे सीधे संपर्क नहीं किया गया। अभी खतरनाक हो चुके इलाकों से बच्चों को बसों के जरिए निकाला जा रहा है। रूक-रूक कर धमाके की आवाज सुनने को मिल रही है। दो तीन दिन में हमें यहां से निकाले जाने की संभावना है।
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