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मेंहनगर में हर वर्ष अगलगी की घटनाओं से होता है लाखों का नुकसान

Mon, 28 Mar 2022 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 11:27 PM IST
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Every year in Mehnagar, there is a loss of lakhs due to fire incidents
मेंहनगर। तहसील क्षेत्र के किसानों ने एक बार फिर अगलगी की घटनाओं से फसलों को बचाने के लिए फायर स्टेशन के स्थापना की मांग उठाया है। वर्ष 1997-98 में मेंहनगर तहसील की स्थापना के साथ ही लोग यहां से होने वाले वाले फायदे को लेकर उत्साहित दिखे। शुरुआती दौर में तो तहसील डाक बंगले में संचालित हो रही थी। वर्ष 2004-05 में तहसील को नव-निर्मित भवन में शिफ्ट किया गया। तब लोगों में तहसील मुख्यालय पर स्थापित होने वाले विभाग जैसे ट्रेजरी आफिस, निबंधन कार्यालय, पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय के साथ अगलगी की घटनाओं से बचाव के लिए फायर स्टेशन की स्थापना होने की आस जगी थी। तहसील पर सभी कार्यालयों को तो स्थापित कर दिया गया लेकिन 25 साल बाद भी फायर स्टेशन की स्थापना नहीं हो सकी है। फायर स्टेशन की स्थापना ने होने से प्रति वर्ष अगलगी की घटनाओं से लाखों का नुकसान होता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण क्षेत्र की जनता परेशान है। जब भी कहीं अगलगी की घटना होती है तो पीड़ित सहायता के लिए अग्निशमन विभाग को फोन करता है। इसके बाद अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंच कर आग को बुझाता है।
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तहसील मुख्यालय पर फायर स्टेशन ने होने से अगलगी की घटना के बाद किसान तहसील लालगंज स्थित फायर स्टेशन को सूचना देते हैं लेकिन जब तक घटना स्थल पर फायर ब्रिगेड दस्ता पहुंचता तबतक लाखों का नुकसान हो जाता है। मेंहनगर तहसील मुख्यालय से संबंधित गांव 40 से 45 किमी दूर गाजीपुर बार्डर तक स्थित हैं। जिसके कारण कभी- कभी फायर बिग्रेड दस्ता समय से नहीं पहुंच पाता। फायर स्टेशन की स्थापना को लेकर किसान तहसील प्रशासन से लेकर जिलाधिकारी तक आंदोलन कर पत्रक दे चुके हैं लेकिन आश्वासन के छोड़ कुछ नही मिला। अब रबी की फसल पक कर तैयार है और पछुवां हवाओं ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बिजली की जर्जर तार से सार्ट सर्किट होने से फसलों में आग लग जाती है।
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यहां के किसान मुकुटधारी यादव ने बताया कि फायर स्टेशन की स्थापना के लिए बार- बार यहां की जनता ने चुने गये प्रतिनिधियों के समक्ष आवाज उठाई लेकिन आश्वासन के छोड़ कुछ नहीं मिला। चुनाव जीतने के बाद स्थानीय समस्याओं को भूल जाते हैं। वहीं पेशे से किसान डॉ. आरके सिंह ने बताया कि तहसील मुख्यालय पर फायर स्टेशन बनाने की प्रक्रिया है लेकिन शासन -प्रशासन की अनदेखी के कारण स्थापना नहीं हो पा रही है। प्रतिवर्ष अगलगी से किसानों का लाखों का नुकसान होता है। विनोद सिंह ने कहा कि शासन- प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं को न सूना जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता क्षेत्र के मुद्दों का उठाने के िलिए जनप्रतिनिधि चुनती है लेकिन अपने स्वार्थ में वह सब भूल जाते हैं। अनिल यादव ने कहा कि किसान क्षेत्र में फायर स्टेशन की मांग कई बार अधिकारियों के सानने रख चुके हैं पर उनके समस्या का समाधान नही हो सका है। फायर स्टेश् ान के लिए एक बार फिर किसान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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