आजमगढ़। लोकसभा उपचुनाव आजमगढ़ के मतदान के दिन हर रंग देखने को मिला। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक उत्साह देखने का मिला। शहर के बूथों में सबसे पहले मतदान करने वाले युवा भी देखने को मिले। कोई युवा अपनी दादी के साथ आया तो कोई अपनी मां के साथ आया। वहीं बुजुर्गों को लेकर स्वजन लेकर आए। जिला प्रशासन की तरफ से बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पहले ही व्यवस्था कर रखी थी। जब भी दिव्यांग या बुजुर्ग आया तो उन्हें व्हीलचेयर द्वारा मतदान केंद्र में मत का प्रयोग सबसे पहले करवाया।
रानी की सराय कस्बा निवासी फेकनी देवी की उम्र 70 से अधिक है। उन्होंने अब तक कई विधानसभा और लोकसभा और ग्राम पंचायत चुनाव देखे हैं। वह हर बार वोट करने आती है। उन्होंने बताया कि हम किसी बार भी वोट डालना नहीं भूलते हैं। बीमार हूं लेकिन वोट डालने आई हूं। पोते के साथ व्हीलचेयर पर आई हूं, बैठकर वोट डाली हूं। शहर की रहने वाली वृद्घ इशरावती देवी ने कहा कि मत का प्रयोग करना हमारा अधिकार है। हमारे वोट से जीत हार तय होती है। इसलिए हम वोट जरूर डालने जाते हैं। शहर की रहने वाली छवि ने बताया कि वह पहली बार वोट डालने आई हूं। ऐसे में पहली बार मत का प्रयोग करने के बाद उत्साहित हूं। ऐसे में इस लोकतंत्र में मेरी भागीदारी भी रहेगी। इसे लेकर खुश हूं। गरिमा ने बताया कि इस मतदान को लेकर इतनी उत्साहित थी कि उसने 10 बजे ही वोट डाल दिया।