आजमगढ़। पार्किंग के अभाव और पटरियों पर भारी अतिक्रमण होने से पूरा शहर जाम के झाम से जूझता रहा। हालांकि तिराहे-चौराहों पर खड़े पुलिसकर्मियों ने इससे निजात दिलाने की भरसक कोशिश की लेकिन शहर में बेतरतीबी से चलने वाले ई-रिक्शा, बाइकों के आगे इनकी एक न चल सकी। बुधवार को नरौली, सिविल लाइन, कालीचौरा, कालीनगंज, दलालघाट, कोट, तकिया, पुरानी कोतवाली, सब्जी, मंडी, आराजीबाग, हर्रा की चुंगी, आरटीओ आफिस आदि सहित कई मुहल्लों में लगातार जाम का झाम बना रहा। जिसके कारण वाहन चालकों को वक्त और आर्थिक दोनों की दोहरी मार झेलनी पड़ी।
नगर के सिविल लाइंस क्षेत्र से शहर के मुख्य चौक पर आने का एक मात्र रास्ता बड़ा देव तिराहे से होकर गुजरता है। बड़ा देव पर ही महिला अस्पताल है, जिसका दूसरा गेट जहां वर्षों से बंद पड़ा है वहीं सामने वाले गेट से एम्बुलेंस, मरीजों के वाहन का लगातार आना-जाता रहता है, जिसके कारण इस तिराहे पर सुबह दस बजे से 3 बजे तक जाम लगा रहता है। कई बार जाम से मरीजों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार अस्पताल के दूसरे गेट को खोलवाने का प्रयास किया गया लेकिन आज तक प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाई नहीं किया। प्रशासन द्वारा जाम से निजात दिलाने के लिए शहर के कई स्थानों पर चार पहिया वाहनों के लिए नो इंट्री का बोर्ड लगवाया गया है लेकिन पुलिसकर्मियों के तैनाती के बावजूद शहर के पहाड़पुर, पुराने जेल, कालीचौरा आदि स्थानों से चार पहिया वाहन धड़ल्ले से प्रवेश कर जाते है। नो इंट्री में जुगाड़ से घुसे चारपहिया वाहन और बेतरतीबी से खड़े बाइकों से आये दिन घंटों जाम रहता है। रही कसर शहर की पटरियों में खड़े ठेला-ठोमचे वाले इस परेशानी का सबब बने हुए है।