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Azamgarh News: ईपीएफ-ईएसआई खाते में छह महीने से नहीं जमा हो रहा था कर्मचारियों का अंशदान

Fri, 19 Jun 2026 11:49 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:49 PM IST
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Employees' contributions haven't been deposited in the EPF-ESI account for six months
जहानागंज नगर पंचायत कार्यालय।
आजमगढ़। मुबारकपुर के बाद अब नगर पंचायत जहानागंज में भी 80 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के ईपीएफ और कर्मचारी राज्य बीमा अंशदान में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कर्मचारियों के वेतन से कटौती के बावजूद धनराशि संबंधित खातों में जमा नहीं हुई। शिकायत पर गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सीआरओ को सौंप दी है, जिसमें अनियमितताएं पाई गई हैं।
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सभासदों ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी कि चंद्रा कंस्ट्रक्शन एंड जनरल सप्लायर्स को आउटसोर्सिंग के 80 कर्मचारियों से काम कराने का ठेका दिया गया था। कर्मचारियों के मानदेय से ईपीएफ और ईएसआई की कटौती नियमित हुई। हालांकि, संबंधित विभागों में धनराशि जमा नहीं कराई गई। नगर पंचायत की ओर से एजेंसी को प्रत्येक महीने भुगतान भी किया गया। बावजूद इसके कर्मचारियों के खातों में अंशदान जमा नहीं हुआ। विशेष रूप से जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक किसी भी कर्मचारी का ईपीएफ जमा नहीं हुआ।
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शिकायत मिलने के बाद मंडलायुक्त के निर्देश पर सीआरओ संजीव ओझा ने एसडीएम सदर और मुख्य कोषाधिकारी की जांच टीम बनाई। टीम ने मामले की जांच शुरू की और सभासदों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। जांच समिति ने अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट सीआरओ को सौंपी है। रिपोर्ट में जांच समिति ने इसके लिए नगर पंचायत और सेवा प्रदाता कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है।
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इन बिंदुओं पर हुई शिकायत
कर्मचारियों के वेतन से कटौती के बावजूद खातों में राशि जमा न होने का आरोप।
नगर पंचायत अध्यक्ष, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी एवं ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप।
जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक ईपीएफ जमा नहीं होने का दावा।
जांच समिति ने रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी, अनियमितता के संकेत मिलने की चर्चा।
निविदा प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन की शिकायत की।
दोषियों पर कार्रवाई, धन वसूली एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पूर्व के वर्षों के ईपीएफ एवं ईएसआई जमा की भी जांच कराने की मांग की।

मुबारकपुर के ही ईओ के पास था जहानागंज नपं का प्रभार
मुबारकपुर नगरपालिका में भी कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई जमा नहीं हो रहा था। उस समय मुबारकपुर के ईओ विनय कुमार मिश्र रहे। जहानागंज नगर पंचायत में जब यह प्रकरण आया तो उस समय जहानागंज का प्रभार भी उन्हीं के पास था। इस कारण ईओ की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच टीम ने सेवा प्रदाता कंपनी के साथ ही नगर पंचायत को दोषी ठहराया लेकिन ईओ को इसके लिए किस प्रकार दोषी नहीं माना यह जांच अधिकारी ही जानें।

सभासदों ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी। उनके निर्देश पर समिति का गठन करके जांच कराई गई। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद उसे मंडलायुक्त के पास भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से की जाएगी। - संजीव ओझा, सीआरओ।
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