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दोहरे हत्या कांड के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा
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आजमगढ़। रौनापार थाना के बेलकुंडा गॉव में हुए दोहरे हत्या कांड में शुक्रवार को नामजद हत्यारोपी को सजा सुनाई गई। न्यायाधीश ने आरोपी को आजीवन कारावास व 50 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट नंबर एक राजीव शुक्ला ने सुनाया।
अभियोजन कथन के अनुसार वादी मुकदमा चंद्रिका पटेल पिता चंद्रबली निवासी जमीन बेलकुंडा थाना रौनापार में रिपोर्ट दर्ज कराई। थाने में दी गई तहरीर केअनुसार 11 फरवरी 2015 की शाम लगभग सवा छह बजे पड़ोसी भागवत पटेल की पत्नी पतिराजी अलाव ताप रहे थी। तभी उनका लड़का हरेंद्र पटेल पुत्र भागवत आया और फावड़े से अपनी माता पतिराजी देवी के सिर पर प्रहार किया। पतिराजी देवी के चिल्लाने की आवाज सुनकर वादी चन्द्रिका का सात वर्षीय लड़का रामआशीष पटेल दौड़ कर पतिराजी के पास गया तब हरेंद्र पटेल ने राम आशीष पटेल के सर पर भी फावड़े से प्रहार किया। इस प्राणघातक हमले से पतिराजी देवी तथा राम आशीष पटेल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद हरेंद्र पटेल के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया ।अभियोजन पक्ष की तरफ से चंद्रिका पटेल, रीता देवी ,राकेश सिंह, डॉक्टर संतोष कुमार गुप्ता, राजपत, श्यामजीत, भागवत, रामजन्म, मिथिलेश कुमार, इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव तथा राजदेव यादव ने गवाही दी।दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी हरेंद्र पटेल को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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अभियोजन कथन के अनुसार वादी मुकदमा चंद्रिका पटेल पिता चंद्रबली निवासी जमीन बेलकुंडा थाना रौनापार में रिपोर्ट दर्ज कराई। थाने में दी गई तहरीर केअनुसार 11 फरवरी 2015 की शाम लगभग सवा छह बजे पड़ोसी भागवत पटेल की पत्नी पतिराजी अलाव ताप रहे थी। तभी उनका लड़का हरेंद्र पटेल पुत्र भागवत आया और फावड़े से अपनी माता पतिराजी देवी के सिर पर प्रहार किया। पतिराजी देवी के चिल्लाने की आवाज सुनकर वादी चन्द्रिका का सात वर्षीय लड़का रामआशीष पटेल दौड़ कर पतिराजी के पास गया तब हरेंद्र पटेल ने राम आशीष पटेल के सर पर भी फावड़े से प्रहार किया। इस प्राणघातक हमले से पतिराजी देवी तथा राम आशीष पटेल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद हरेंद्र पटेल के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया ।अभियोजन पक्ष की तरफ से चंद्रिका पटेल, रीता देवी ,राकेश सिंह, डॉक्टर संतोष कुमार गुप्ता, राजपत, श्यामजीत, भागवत, रामजन्म, मिथिलेश कुमार, इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव तथा राजदेव यादव ने गवाही दी।दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी हरेंद्र पटेल को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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