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जिला पंचायत, प्रमुखी पर नजरें
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 15 Dec 2015 12:51 AM IST
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क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य के बाद प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाने के बाद अब सबकी नजरें जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर टिक गई है।
न सिर्फ चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई बल्कि ब्लाक प्रमुख और अध्यक्ष पद के दावेदार अब विजयी प्रत्याशियों की खरीद-फरोख्त में जुट गए हैं। वहीं जेल के भीतर से चुनाव लड़ाने वाले बदमाश भी बिसात बिछाने लगे हैं।
क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव के साथ ही ब्लाक प्रमुख चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई थी। इसी के चलते 25 अक्तूबर की रात देवगांव कोतवाली क्षेत्र के डोमनपुर गांव में बीडीसी प्रत्याशी के पति की हत्या
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और 29 अक्तूबर को महराजगंज थाने के मोतीपुर गांव के प्रधान सिंहासन यादव की हत्या और नाराज लोगों द्वारा थाना फूंके जाने की घटना तक हो चुकी है। इसके अलावा ब्लाक प्रमुख पद के लिए जेल के भीतर रहते हुए बदमाश ध्रुव सिंह कूंटू, अखंड प्रताप सिंह परिवार और समर्थकों को जीत दिलाने में सफल रहे।
वहीं तरवां ब्लाक से प्रमुख के दावेदार अखंड सिंह भी हत्या के एक मामले में जेल में बंद है। वहीं जहानागंज ब्लाक के लिए जेल के भीतर से बदमाश संजय यादव द्वारा वोटरों को फोन के लिए धमकाए जाने का मामला प्रकाश में आ चुका है। तो ठेकमा ब्लाक मेें प्रमुख पद के एक प्रत्याशी द्वारा वोट न देने वालों को खुलेआम धमकी देने का मामला आ चुका है।
ऐसा ही हाल तरवां, अजमतगढ़, महराजगंज, लालगंज ब्लाक क्षेत्र का है। धमकी देने के संबंध में कई लोगों ने पुलिस तक शिकायत पहुंचाई है।
पुलिस ने कई मामलों की जांच पड़ताल की।पुलिस की रिपोर्ट पर ही प्रशासन ने आजमगढ़ मंडल कारागार में निरुद्ध चर्चित अमरजीत यादव, वाराणसी जेल में बंद कुंटू सिंह को अन्य दूर के जेलों में शिफ्ट कर दिया।
हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख पद के लिए उम्मीदवारों का अभियान गति पकड़ चुका है।
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न सिर्फ चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई बल्कि ब्लाक प्रमुख और अध्यक्ष पद के दावेदार अब विजयी प्रत्याशियों की खरीद-फरोख्त में जुट गए हैं। वहीं जेल के भीतर से चुनाव लड़ाने वाले बदमाश भी बिसात बिछाने लगे हैं।
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क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव के साथ ही ब्लाक प्रमुख चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई थी। इसी के चलते 25 अक्तूबर की रात देवगांव कोतवाली क्षेत्र के डोमनपुर गांव में बीडीसी प्रत्याशी के पति की हत्या
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और 29 अक्तूबर को महराजगंज थाने के मोतीपुर गांव के प्रधान सिंहासन यादव की हत्या और नाराज लोगों द्वारा थाना फूंके जाने की घटना तक हो चुकी है। इसके अलावा ब्लाक प्रमुख पद के लिए जेल के भीतर रहते हुए बदमाश ध्रुव सिंह कूंटू, अखंड प्रताप सिंह परिवार और समर्थकों को जीत दिलाने में सफल रहे।
वहीं तरवां ब्लाक से प्रमुख के दावेदार अखंड सिंह भी हत्या के एक मामले में जेल में बंद है। वहीं जहानागंज ब्लाक के लिए जेल के भीतर से बदमाश संजय यादव द्वारा वोटरों को फोन के लिए धमकाए जाने का मामला प्रकाश में आ चुका है। तो ठेकमा ब्लाक मेें प्रमुख पद के एक प्रत्याशी द्वारा वोट न देने वालों को खुलेआम धमकी देने का मामला आ चुका है।
ऐसा ही हाल तरवां, अजमतगढ़, महराजगंज, लालगंज ब्लाक क्षेत्र का है। धमकी देने के संबंध में कई लोगों ने पुलिस तक शिकायत पहुंचाई है।
पुलिस ने कई मामलों की जांच पड़ताल की।पुलिस की रिपोर्ट पर ही प्रशासन ने आजमगढ़ मंडल कारागार में निरुद्ध चर्चित अमरजीत यादव, वाराणसी जेल में बंद कुंटू सिंह को अन्य दूर के जेलों में शिफ्ट कर दिया।
हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख पद के लिए उम्मीदवारों का अभियान गति पकड़ चुका है।