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कोरोना की वजह से नहीं िमले गले बस दूर से िकया एक दूसरे को सलाम

Sat, 01 Aug 2020 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 11:30 PM IST
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Didn't get the throat just because of the corona, salute each other from afar
शहर के जामा मस्जिद पर बकरीद के अवसर पर तैनात पुलिस के जवान। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। बकरीद का त्यौहर ग्रामीणांचल में भी कोरोना एडवाइजरी के अनुरूप ही संपन्न हुआ। लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी और कुर्बानी कराया। सार्वजनिक रूप से मस्जिदों में पांच से छह की संख्या में ही लोगों ने नमाज अदा किया। ईंद व बकरीद के त्यौहार पर पूर्व में लोग एक दूसरे के घर जाकर गले मिलते थे और पकवानों का लुत्फ उठाते थे लेकिन इस बार लोग सिर्फ सलाम कर ही बकरीद की बधाई देते नजर आए और परिवार के साथ ही पकवानों का आनंद उठाया।
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अंबारी संवाददाता के अनुसार माहुल नगर पंचायत व आसपास के क्षेत्रों में बकरीद का त्यौहार अकीदत के साथ मनाया गया। लोगों ने घरों में नमाज अदा की और कुर्बानी कराई। पकवान तो घर-घर बने थे और उसका आनंद परिवार के लोग ही एक साथ उठाए। माहुल कस्बा के अलावा निजामपुर, मखदूमपुर, शाहराजा, रसूलपुर आदि ग्रामों में लोगों ने सुबह पांच बजे ही बकरीद की नमाज अदा किया। पवई संवाददाता के अनुसार स्थानीय थाना अंतर्गत 25 मस्जिदों व ईदगाहों में कोरोना एडवाइजरी के अनुरूप नमाज अदा की गई। ज्यादातर लोगों ने घरों में ही बकरीद की नमाज अदा किया। मेंहनगर संवाददाता के अनुसार स्थानीय कस्बा के साथ ही आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप ही बकरीद का त्यौहार मनाया गया। लोगों ने घरों में नमाज अदा की और कुर्बानी किया। नगर पंचायत प्रशासन ने कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्टो के निस्तारण के लिए विशेष इंतजाम किए थे। मेजवां संवाददाता के अनुसार हजरत इब्राहिम व हजरत इस्माइल की याद में मनाया जाने वाला बकरीद का त्यौहार फूलपुर कस्बा व आसपास के ग्रामीण इलाको में अकीदत के साथ मनाया गया। घरों में नमाज अदा करने के बाद लोगों ने कोरोना संक्रमण से मुक्ति की दुआ पढ़ी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नमाज के दौरान किया गया। मेजवां व दसमड़ा गांव में मौलाना फरहत हुसैन ने नमाज पढ़ाई। मस्जिदों में चार से छह की संख्या में लोग ही एक साथ नमाज अदा किए। सरायमीर संवाददाता के अनुसार पूरे क्षेत्र में कोरोना एडवाइजरी के अनुरूप ही लोगों ने बकरीद का त्यौहार मनाया। घरों में ही नमाज अदा करने के साथ ही कुर्बानी की और जल्द से जल्द कोरोना मुक्ति की दुआ पढ़ी।
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लोहरा गांव में घरों में पढ़ी गई नमाज, नहीं हुई कुर्बानी
अमिलो। मुबारकपुर क्षेत्र के लोहरा गांव में कुर्बानी पर वर्षो से प्रतिबंध है। जिसके चलते हर साल यहां बकरीद का त्यौहार संगीनों के साए में मनाया जाता है। इस बार भी लोहरा गांव शुक्रवार से ही संगीनों के साये में रहा। भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में लोगों ने घरों में ही नमाज अदा किया। और गांव में इस बार भी किसी भी जानवर की कुर्बानी नहीं हुई। गांव में फोर्स की तैनाती तो शुक्रवार से ही है वहीं शनिवार को एसडीएम सदर, सीओ सदर के अलावा एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, एसपी सिटी पंकज कुमार पांडेय आदि ने भी पहुंच कर हाल लिया।
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