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तेजी से घटने के बाद भी खतरा बिंदू से ऊपर है घाघरा का जलस्तर
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सगड़ी के बाढ़ क्षेत्र जोकहरा में टूटे बंधे को बांधने में जुटे श्रमिक
- फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव का क्रम तेजी से जारी है। जलस्तर तेजी से घटने के बाद भी अभी तक दोनों गेजों पर खतरा बिंदू से ऊपर बना हुआ है। कई दिनों से बाढ़ का पानी जमा होने के कारण देवारावासियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बदरहुंआ नाले पर गुरूवार की शाम नदी का जलस्तर 72.64 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 20 सेमी घटकर 72.44 मीटर पर आ गया है। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 76 सेमी अधिक है। जबकि डिघिया नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 71.73 मीटर दर्ज किया गया था। जो शुक्रवार की शाम 23 सेमी घटकर 71.50 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 110 सेमी अधिक है। नदी का जलस्तर बढ़ने से 80 गांवों की सवा लाख की आवादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। नदी के जलस्तर में हो रही तेजी से घटोत्तरी को देख लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन ज्यादा दिन तक पानी से घिरा रहने के कारण लोगों की मुसीबत बढ़ती है। हालांकि प्रशासन द्वारा लोगों के आवागमन के लिए 281 नावों का संचालन किया जा रहा है लेकिन यह नावें आबादी के हिसाब से नाकाफी साबित हो रही हैं। लोग तरह-तरह के जुगाड़ महुला गढ़वल बांध तक पहुंचने के लिए कर रहे हैं। दैनिक प्रयोग में आने वाले सामानों के लिए लोगों केे महुला गढ़वल बांध तक आना पड़ रहा है। जिसके लिए लोग हर प्रयत्न कर रहे हैं।
पालीथिन में रहने को विवश हैं विस्थापित
लाटघाट। प्रशासन द्वारा भले ही विस्थापितों की व्यवस्था किए जाने का दावा किया जाता है लेकिन अगर हकीकम देखना है कि महुला गढ़वल बांध पर देखा जा सकता है। जहां पर सैकड़ों विस्थापित पालीथिन के नीचे जीवन गुजार रहे हैं। इन लोगों के लिए बारिश भी मुसीबत बनी हुई है। क्योंकि ज्यादा बारिश होने पर पालीथिन भी लोगों को दगा दे जाती है। इन सबके बीच लोग किसी तरह से जीवन गुजार रहे हैं।
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पालीथिन में रहने को विवश हैं विस्थापित
लाटघाट। प्रशासन द्वारा भले ही विस्थापितों की व्यवस्था किए जाने का दावा किया जाता है लेकिन अगर हकीकम देखना है कि महुला गढ़वल बांध पर देखा जा सकता है। जहां पर सैकड़ों विस्थापित पालीथिन के नीचे जीवन गुजार रहे हैं। इन लोगों के लिए बारिश भी मुसीबत बनी हुई है। क्योंकि ज्यादा बारिश होने पर पालीथिन भी लोगों को दगा दे जाती है। इन सबके बीच लोग किसी तरह से जीवन गुजार रहे हैं।

सगड़ी के टेकनपुर क्षेत्र में बाढ़ के पानी से घिरे घर।- फोटो : AZAMGARH
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