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किसानों और मजदूरों की समस्या को लेकर किया प्रदर्शन
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मेजवां। भारतीय किसान सभा और भारतीय खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त नेतृत्व में बृहस्पतिवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर फूलपुर तहसील परिसर पर धरना-प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति को संबोधित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अपर तहसीलदार ओपी त्रिपाठी को सौंपा गया।
माकपा पूर्व जिला मंत्री रामाज्ञा यादव ने कहा कि किसान और मजदूर की आर्थिक स्थिति दयनीय और चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने चीनी मिलों से किसानों का बकाया भुगतान जल्द कराने, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी का निर्णय वापस लेने की मांग की। भारतीय खेत मजदूर यूनियन जिला मंत्री दुर्बली राम ने कहा कि आपत्तिजनक कृषि विरोधी अध्यादेश वापस लिया जाए। कोविड 19 से पीड़ित लोगों को 7500 रुपये प्रति माह और छह महीने तक प्रत्येक यूनिट पर 10 किलो अनाज दिया जाए। मनरेगा मजदूरों को 600 रुपये प्रतिदिन और 200 दिन का काम दिया जाए। बढ़े डीजल, पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों को वापस लिया जाए। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिया जाए। कहा कि देश और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से सभी लोग त्रस्त है। रामनेत यादव, रामदरस, धर्मराज, मुकेश, उमेश, लल्लन प्रसाद आदि लोग थे।
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माकपा पूर्व जिला मंत्री रामाज्ञा यादव ने कहा कि किसान और मजदूर की आर्थिक स्थिति दयनीय और चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने चीनी मिलों से किसानों का बकाया भुगतान जल्द कराने, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी का निर्णय वापस लेने की मांग की। भारतीय खेत मजदूर यूनियन जिला मंत्री दुर्बली राम ने कहा कि आपत्तिजनक कृषि विरोधी अध्यादेश वापस लिया जाए। कोविड 19 से पीड़ित लोगों को 7500 रुपये प्रति माह और छह महीने तक प्रत्येक यूनिट पर 10 किलो अनाज दिया जाए। मनरेगा मजदूरों को 600 रुपये प्रतिदिन और 200 दिन का काम दिया जाए। बढ़े डीजल, पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों को वापस लिया जाए। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिया जाए। कहा कि देश और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से सभी लोग त्रस्त है। रामनेत यादव, रामदरस, धर्मराज, मुकेश, उमेश, लल्लन प्रसाद आदि लोग थे।
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