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ओले और तेज हवा से बर्बाद हुईं फसल
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 28 Mar 2015 11:53 PM IST
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सगड़ी तहसील क्षेत्र में शुक्रवार की रात ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश के चलते सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। एक बार फिर किसानों के चेहरे मुरझा गए। अब उनके सामने कुछ सूझ नहीं रहा है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र में दूसरी बार शुक्रवार की रात तेज हवा के साथ ओलावृष्टि और बारिश के कारण चायेंपुर, देउपुर, आंखीपुर, जमीन कपारगढ़, तिवारीपट्टी, सिकंदरपुर, सुखमदत्त नगर, अठनारू, नरहन, इशरहा, भरौली, डिघवनियां मझौवा, जहरूद्दीनपुर, कटाई अलिमुद्दीनपुर, धुसवां, मसोना सहित कई गांवों में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि और बरसात होने से गेहूं, मटर, चना, अरहर और सब्जी की फसल बर्बाद हो गई।
किसान परेशान हैं, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। बहुत से किसान खाद और बीज उधार लेकर गेहूं की बुआई किए थे। प्रकृति के इस कहर से किसान फसलों को तैयार करने में लिए गए उधार को चुकता करने को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र के कमलनयन यादव, विजई मौर्य, जयप्रकाश राय, जितेंद्र सिंह, रमेश सिंह, बेचू यादव ने शासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र में दूसरी बार शुक्रवार की रात तेज हवा के साथ ओलावृष्टि और बारिश के कारण चायेंपुर, देउपुर, आंखीपुर, जमीन कपारगढ़, तिवारीपट्टी, सिकंदरपुर, सुखमदत्त नगर, अठनारू, नरहन, इशरहा, भरौली, डिघवनियां मझौवा, जहरूद्दीनपुर, कटाई अलिमुद्दीनपुर, धुसवां, मसोना सहित कई गांवों में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि और बरसात होने से गेहूं, मटर, चना, अरहर और सब्जी की फसल बर्बाद हो गई।
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किसान परेशान हैं, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। बहुत से किसान खाद और बीज उधार लेकर गेहूं की बुआई किए थे। प्रकृति के इस कहर से किसान फसलों को तैयार करने में लिए गए उधार को चुकता करने को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र के कमलनयन यादव, विजई मौर्य, जयप्रकाश राय, जितेंद्र सिंह, रमेश सिंह, बेचू यादव ने शासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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