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अमरजीत गिरोह के शूटर ने की थी हत्या
ब्यूरो/ अमर उजाला आजमगढ़
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:46 PM IST
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महराजगंज थाने के मोतीपुर प्रधान एवं अधिवक्ता सिंहासन यादव की हत्या चर्चित अमरजीत गिरोह के शूटर ने की थी। इस बात का खुलासा भैरोनाथ मंदिर के पास से गिरफ्तार आरोपी ने की है।
हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद हुआ है। आरोपी पर आजमगढ़ सहित मऊ, अंबेडकर नगर और जौनपुर जिले के विभिन्न थानों में करीब 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बताते चलें कि सिंहासन यादव 29 अक्तूबर की शाम साढ़े पांच बजे महराजगंज कस्बे से घर लौट रहे थे। रास्ते में मुड़िलपुर के पास घात लगाए बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना से आक्रोशित लोग शव लेकर थाने पहुंचे। वहां कोई नहीं मिला तो थाने में आगजनी की।
घटना के संबंध में सिंहासन के भाई जयप्रकाश ने गांव के प्रह्लाद यादव और उसके भाई वीरेंद्र यादव सहित चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने नामजद भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन शूटरों की तलाश जारी थी।
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गुरुवार की शाम प्रभारी निरीक्षक महराजगंज शिशिर त्रिवेदी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली तो महराजगंज कस्बे से सटे भैरोनाथ मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका साथी सीताराम यादव फरार हो गया।
पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी निरंजन गौतम महराजगंज थाने के शंकरपुर गांव का निवासी है, जबकि उसका साथी सीताराम महराजगंज थाने के तुर्कचारा गांव का रहने वाला है। तलाशी के दौरान निरंजन के पास से पुलिस ने प्रधान की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस और मैगजीन बरामद हुई है।
एसओ ने बताया कि निरंजन गौतम चर्चित बदमाश जेल में निरुद्ध अमरजीत गिरोह का सदस्य है। वह सिंहासन की हत्या के लिए दो लाख रुपये में सौदा किया था। हत्या से पहले 50 हजार रुपया एडवांस दिया गया था। शेष रकम काम होने के बाद दिए जाने का करार हुआ था।
प्रभारी निरीक्षक ने यह भी बताया कि निरंजन एक कालेज के प्रबंधक की हत्या का तानाबाना भी बुन रहा था। पुलिस के अनुसार निरंजन की दो प्रेमिकाएं हैं। उसकी एक प्रेमिका का पट्टीदार विद्यालय का प्रबंधक है। उससे और निरंजन की प्रेमिका से विवाद चल रहा है। इसके चलते वह प्रबंधक की हत्या का प्रेमिका को बचन दिया है। उसका तानाबाना बुन रहा था।
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हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद हुआ है। आरोपी पर आजमगढ़ सहित मऊ, अंबेडकर नगर और जौनपुर जिले के विभिन्न थानों में करीब 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बताते चलें कि सिंहासन यादव 29 अक्तूबर की शाम साढ़े पांच बजे महराजगंज कस्बे से घर लौट रहे थे। रास्ते में मुड़िलपुर के पास घात लगाए बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना से आक्रोशित लोग शव लेकर थाने पहुंचे। वहां कोई नहीं मिला तो थाने में आगजनी की।
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घटना के संबंध में सिंहासन के भाई जयप्रकाश ने गांव के प्रह्लाद यादव और उसके भाई वीरेंद्र यादव सहित चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने नामजद भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन शूटरों की तलाश जारी थी।
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गुरुवार की शाम प्रभारी निरीक्षक महराजगंज शिशिर त्रिवेदी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली तो महराजगंज कस्बे से सटे भैरोनाथ मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका साथी सीताराम यादव फरार हो गया।
पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी निरंजन गौतम महराजगंज थाने के शंकरपुर गांव का निवासी है, जबकि उसका साथी सीताराम महराजगंज थाने के तुर्कचारा गांव का रहने वाला है। तलाशी के दौरान निरंजन के पास से पुलिस ने प्रधान की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस और मैगजीन बरामद हुई है।
एसओ ने बताया कि निरंजन गौतम चर्चित बदमाश जेल में निरुद्ध अमरजीत गिरोह का सदस्य है। वह सिंहासन की हत्या के लिए दो लाख रुपये में सौदा किया था। हत्या से पहले 50 हजार रुपया एडवांस दिया गया था। शेष रकम काम होने के बाद दिए जाने का करार हुआ था।
प्रभारी निरीक्षक ने यह भी बताया कि निरंजन एक कालेज के प्रबंधक की हत्या का तानाबाना भी बुन रहा था। पुलिस के अनुसार निरंजन की दो प्रेमिकाएं हैं। उसकी एक प्रेमिका का पट्टीदार विद्यालय का प्रबंधक है। उससे और निरंजन की प्रेमिका से विवाद चल रहा है। इसके चलते वह प्रबंधक की हत्या का प्रेमिका को बचन दिया है। उसका तानाबाना बुन रहा था।