{"_id":"5952a0784f1c1b38538b476a","slug":"new-zodiac-corpses-found-in-farm","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवविवाहिता की अधजली लाश खेत में मिली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नवविवाहिता की अधजली लाश खेत में मिली
अमर उजाला ब्यूरो, आजमगढ़
Updated Tue, 27 Jun 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
नवविवाहिता की अधजली लाश खेत में मिली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
25 जून से लापता नवविवाहिता का शव मंगलवार सुबह मायके जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर नेवादा में घर से सौ मीटर की दूरी पर बाजरे के खेत में मिला। युवती का चेहरा और सीने का आधा हिस्सा झुलसा हुआ था। क्रिकेट खेल रहे गांव के लड़कों ने शव देख शोर मचाया तो गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसपी ग्रामीण फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी तक किसी ने मामले की तहरीर नहीं दी है। पुलिस को शक है कि हत्या का रहस्य गांव में छिपा हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।
शाहपुर नेवादा गांव निवासी नीलम यादव (20) पुत्री रामबचन की शादी चार मई 2017 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव निवासी रामप्रवेश यादव से शादी हुई थी। 15 मई को मायकेवाले उसकी विदाई कर घर लाए थे। पति रामप्रवेश मुंबई चला गया। परिजनों के अनुसार 25 जून की रात से नीलम लापता थी। मायकेवालों की मानें तो वो नीलम की खोज कर रहे थे, लेकिन गुमशुदगी की सूचना थाने में नहीं दी गई थी।
मंगलवार सुबह नौ बजे गांव के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान गेंद रामबचन के घर से सौ मीटर दूर बाजरे के खेत में चली गई। गेंद लेने खेत में गए बालक ने अधजला शव देखकर शोर मचाया। खेत में शव मिलने की सूचना से ही हड़कंप मच गया। कपड़े और हुलिए के आधार पर शव की शिनाख्त नीलम के रूप में की। सूचना मिलते ही एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सगड़ी सोहराब आलम, कोतवाल जीयनपुर फारेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस मौका मुआयना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक नीलम का चेहरा और सीने का दाहिना भाग जला हुआ था। देखने से लग रहा कि किसी ज्वलनशील पदार्थ से इसे जलाया गया है। नीलम के शरीर पर मौजूद कपड़े नहीं जले थे। इससे लगा रहा कि हत्या के बाद उसे कपड़ा पहनाया गया है। इस स्थान पर लाश पड़ी थी। वहां की घास आदि भी नहीं जली है। इससे लग रहा कि हत्या कहीं और कर लाश यहां लाकर फेंकी गई है। नीलम यादव चार बहन और एक भाई में बड़ी थी।
नहीं दी गुमशुदगी की सूचना, गहराया शक
सगड़ी। 25 जून से नवविवाहिता नीलम मायके से लापता थी, लेकिन इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि वो खुद नीलम की तलाश कर रहे थे। मायकेवालों की ओर से पुलिस को सूचना न देना और दो दिन बाद घर से पास ही नीलम का शव मिलना कई शंकाओं को जन्म दे रहा है। बाजरे का खेत घर से सीधा दिखाई देता है। इसकी ऊंचाई भी इतनी नहीं है कि यहां कोई वारदात की जा सके। एसपी ग्रामीण का भी मानना है कि हत्या का रहस्य गांव में ही घर के आसपास छिपा है। पुलिस हर एंगल पर मामले की जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
घटनास्थल पर लाश देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपियों ने कहीं और कर लाश लाकर यहां फेकी होगी। पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को जलाया गया होगा। लग रहा है। घटना को नजदीकी लोगों ने ही अंजाम दिया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
विज्ञापन
शाहपुर नेवादा गांव निवासी नीलम यादव (20) पुत्री रामबचन की शादी चार मई 2017 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव निवासी रामप्रवेश यादव से शादी हुई थी। 15 मई को मायकेवाले उसकी विदाई कर घर लाए थे। पति रामप्रवेश मुंबई चला गया। परिजनों के अनुसार 25 जून की रात से नीलम लापता थी। मायकेवालों की मानें तो वो नीलम की खोज कर रहे थे, लेकिन गुमशुदगी की सूचना थाने में नहीं दी गई थी।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह नौ बजे गांव के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान गेंद रामबचन के घर से सौ मीटर दूर बाजरे के खेत में चली गई। गेंद लेने खेत में गए बालक ने अधजला शव देखकर शोर मचाया। खेत में शव मिलने की सूचना से ही हड़कंप मच गया। कपड़े और हुलिए के आधार पर शव की शिनाख्त नीलम के रूप में की। सूचना मिलते ही एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सगड़ी सोहराब आलम, कोतवाल जीयनपुर फारेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस मौका मुआयना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक नीलम का चेहरा और सीने का दाहिना भाग जला हुआ था। देखने से लग रहा कि किसी ज्वलनशील पदार्थ से इसे जलाया गया है। नीलम के शरीर पर मौजूद कपड़े नहीं जले थे। इससे लगा रहा कि हत्या के बाद उसे कपड़ा पहनाया गया है। इस स्थान पर लाश पड़ी थी। वहां की घास आदि भी नहीं जली है। इससे लग रहा कि हत्या कहीं और कर लाश यहां लाकर फेंकी गई है। नीलम यादव चार बहन और एक भाई में बड़ी थी।
नहीं दी गुमशुदगी की सूचना, गहराया शक
सगड़ी। 25 जून से नवविवाहिता नीलम मायके से लापता थी, लेकिन इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि वो खुद नीलम की तलाश कर रहे थे। मायकेवालों की ओर से पुलिस को सूचना न देना और दो दिन बाद घर से पास ही नीलम का शव मिलना कई शंकाओं को जन्म दे रहा है। बाजरे का खेत घर से सीधा दिखाई देता है। इसकी ऊंचाई भी इतनी नहीं है कि यहां कोई वारदात की जा सके। एसपी ग्रामीण का भी मानना है कि हत्या का रहस्य गांव में ही घर के आसपास छिपा है। पुलिस हर एंगल पर मामले की जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
घटनास्थल पर लाश देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपियों ने कहीं और कर लाश लाकर यहां फेकी होगी। पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को जलाया गया होगा। लग रहा है। घटना को नजदीकी लोगों ने ही अंजाम दिया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण