{"_id":"edda5bdce77a03dd3a9ddbb8aca13af6","slug":"gujarat-police-arrived-in-search-of-three-thugs-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन ठगों की तलाश में पहुंची गुजरात पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन ठगों की तलाश में पहुंची गुजरात पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात प्रदेश के तीन बड़े शहरों में फाइनेंस कंपनी खोलकर मजदूरों का लाखों रुपया ठग कर भागने वाले तीन आरोपियों की तलाश में रविवार को सूरत क्राइम ब्रांच की टीम जिले में पहुंची और रौनापार पुलिस के सहयोग से बेलकुंडा गांव में छापेमारी की। लेकिन सटीक मुखबिरी के चलते आरोपी घर छोड़कर भाग निकले।
गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से अन्य ठिकानों का पता लगा रही है। उधर गुजरात पुलिस आने से क्षेत्र में चर्चा का बाजार गरम हो गया है। एसओ रौनापार मिथिलेश मिश्रा के अनुसार रौनापार थाने के बेलकुंडा गांव निवासी अनिरुद्ध पटेल, अमिर चंद सिंह और मोती चंद सिंह गुजरात के सूरत शहर में रहते थे।
वहां तीनों कई और लोगों के साथ मिलकर फर्जी कागजात के आधार पर फाइनेंस कंपनी खोलेे। वहां काम करने वाले पूर्वांचल के मजदूरों को अपने झासे में डालकर उनसे प्रतिदिन रुपया जमा करवाते थे। करीब दो वर्ष पूर्व सूरत में खोली गई कंपनी के जरिए इन लोगों ने सैकड़ों मजदूरों से करीब दो करोड़ रुपया जमा करवा लिए। फिर कंपनी बंदकर भाग गए। घटना के संबंध में पीड़ित मजदूरों ने सूरत जिले के कीम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन
उस मामले की जांच कर रहे प्रभारी निरीक्षक कीम एसएम जडेजा ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे हुई पूछताछ के दौरान पुलिस को इन तीनों के नामों की जानकारी प्रमुख सरगना के रुप में हुई। रविवार की सुबह पुलिस कीम थाने की पुलिस रौनापार थाने पहुंची।
एसओ रौनापार के साथ गुजरात क्राइम ब्रांच की पुलिस बेलकुंडा गांव पहुंचकर इन तीनों के घर छापेमारी कर दी लेकिन सही मुखबिरी होने की वजह से तीनों घर से फरार हो गए। पुलिस की मानें तो यह लोग अब तक गुजरात प्रदेश के औद्योगिक शहर वापी, बलसाड़ में फाइनेंस कंपनी खोलकर करोड़ो रुपये की ठगी कर चुके हैं।
एसओ रौनापार मिथिलेश मिश्रा की माने तो इन्हीं तीनों के खिलाफ शहर कोतवाली में भी इसी प्रकार के धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस उसका भी रिकार्ड खंगाल रही है। गुजरात पुलिस जिन अनिरुद्ध पटेल, अमिरचंद सिंह और मोतीचंद सिंह की तलाश में आई है। उनके अन्य ठिकानों की जानकारी हासिल कर छापेमारी करने की कार्रवाई जारी है।
विज्ञापन
गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से अन्य ठिकानों का पता लगा रही है। उधर गुजरात पुलिस आने से क्षेत्र में चर्चा का बाजार गरम हो गया है। एसओ रौनापार मिथिलेश मिश्रा के अनुसार रौनापार थाने के बेलकुंडा गांव निवासी अनिरुद्ध पटेल, अमिर चंद सिंह और मोती चंद सिंह गुजरात के सूरत शहर में रहते थे।
विज्ञापन
वहां तीनों कई और लोगों के साथ मिलकर फर्जी कागजात के आधार पर फाइनेंस कंपनी खोलेे। वहां काम करने वाले पूर्वांचल के मजदूरों को अपने झासे में डालकर उनसे प्रतिदिन रुपया जमा करवाते थे। करीब दो वर्ष पूर्व सूरत में खोली गई कंपनी के जरिए इन लोगों ने सैकड़ों मजदूरों से करीब दो करोड़ रुपया जमा करवा लिए। फिर कंपनी बंदकर भाग गए। घटना के संबंध में पीड़ित मजदूरों ने सूरत जिले के कीम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन
उस मामले की जांच कर रहे प्रभारी निरीक्षक कीम एसएम जडेजा ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे हुई पूछताछ के दौरान पुलिस को इन तीनों के नामों की जानकारी प्रमुख सरगना के रुप में हुई। रविवार की सुबह पुलिस कीम थाने की पुलिस रौनापार थाने पहुंची।
एसओ रौनापार के साथ गुजरात क्राइम ब्रांच की पुलिस बेलकुंडा गांव पहुंचकर इन तीनों के घर छापेमारी कर दी लेकिन सही मुखबिरी होने की वजह से तीनों घर से फरार हो गए। पुलिस की मानें तो यह लोग अब तक गुजरात प्रदेश के औद्योगिक शहर वापी, बलसाड़ में फाइनेंस कंपनी खोलकर करोड़ो रुपये की ठगी कर चुके हैं।
एसओ रौनापार मिथिलेश मिश्रा की माने तो इन्हीं तीनों के खिलाफ शहर कोतवाली में भी इसी प्रकार के धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस उसका भी रिकार्ड खंगाल रही है। गुजरात पुलिस जिन अनिरुद्ध पटेल, अमिरचंद सिंह और मोतीचंद सिंह की तलाश में आई है। उनके अन्य ठिकानों की जानकारी हासिल कर छापेमारी करने की कार्रवाई जारी है।