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मध्याह्न भोजन के पूर्व प्रधानों ने डकार लिए चार करोड़
azamgarh
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:30 PM IST
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मिड डे मील
- फोटो : अमर उजाला
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गांवों दो वर्ष पूर्व नए प्रधान तैनात हो चुके हैं, लेकिन पूर्व प्रधानों ने मध्याह्न भोजन के लिए मिलने वाली कनवर्जन कास्ट नहीं लौटाया। जनपद में पूर्व प्रधानों पर कनवर्जन कॉस्ट के चार करोड़ 11 लाख रुपये बकाया है। विभाग अभी तक पूर्व प्रधानों से इसकी वसूली नहीं कर पाया है। सबसे ज्यादा कनवर्जन कॉस्ट जहानागंज ब्लाक और सबसे कम नगर क्षेत्र में बकाया है।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की सारी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाचार्य को सौंपी गई। इसके लिए ग्राम प्रधानों के खाते में कनवर्जन कॉस्ट भेजी जाती रही है। लेकिन कई ग्राम प्रधान इन्हें दबा कर बैठे रहे। दो वर्ष पूर्व हुए पंचायत चुनाव में नए ग्राम प्रधान अपना कार्य नए सिरे देखने लगे लेकिन पूर्व प्रधानों ने बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए सरकार से मिली कंवर्जन कास्ट को वापस नहीं किया।
परिणामत: पूर्व प्रधानों पर करोड़ों रुपये बकाया रह गए। हालांकि विभाग ने प्रधानों को नोटिस तो दी। लेकिन अभी तक कितने प्रधानों ने धन वापस किया इसका आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। इस मामले का खुलासा नई दिल्ली के काली बाड़ी मार्ग निवासी श्रीराम राय के 31 मई 2017 को जनसूचना के माध्यम से विभाग के बताने पर हुआ। श्रीराम राय मूल रूप से ठेकमा ब्लॉक के जमुआंवा गांव के रहने वाले हैं। आठ जून 2017 को विभाग की ओर से उन्हें सूचना की जानकारी भेजी गई।
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परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की सारी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाचार्य को सौंपी गई। इसके लिए ग्राम प्रधानों के खाते में कनवर्जन कॉस्ट भेजी जाती रही है। लेकिन कई ग्राम प्रधान इन्हें दबा कर बैठे रहे। दो वर्ष पूर्व हुए पंचायत चुनाव में नए ग्राम प्रधान अपना कार्य नए सिरे देखने लगे लेकिन पूर्व प्रधानों ने बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए सरकार से मिली कंवर्जन कास्ट को वापस नहीं किया।
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परिणामत: पूर्व प्रधानों पर करोड़ों रुपये बकाया रह गए। हालांकि विभाग ने प्रधानों को नोटिस तो दी। लेकिन अभी तक कितने प्रधानों ने धन वापस किया इसका आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। इस मामले का खुलासा नई दिल्ली के काली बाड़ी मार्ग निवासी श्रीराम राय के 31 मई 2017 को जनसूचना के माध्यम से विभाग के बताने पर हुआ। श्रीराम राय मूल रूप से ठेकमा ब्लॉक के जमुआंवा गांव के रहने वाले हैं। आठ जून 2017 को विभाग की ओर से उन्हें सूचना की जानकारी भेजी गई।
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