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दूसरे दिन भी तैनात रही फोर्स
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 25 Mar 2016 11:47 PM IST
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निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव में होली पर हुए विवाद के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को तैनात पुलिस।
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निजामाबाद थाने के खुदादादपुर गांव में गुरुवार की दोपहर होली के अवसर पर रंग लगाने के विवाद में दो अलग-अलग समुदाय के बीच हुई मारपीट, पथराव के मामले में सिर्फ एक पक्ष के लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जबकि दूसरे तरफ से घटना के दूसरे दिन शुक्रवार की शाम तक कोई तहरीर नहीं दी गई थी। तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी के जवान जगह-जगह तैनात रहे। वहीं हालात पर नजर रखने के लिए पूरे दिन अधिकारियों की गाड़ियां क्षेत्र में चक्रमण कर रही थी। इस घटना से आसपास के क्षेत्रों में भी तनाव की स्थिति है।
खुदादादपुर गांव निवासी प्रेमचंद्र पुत्र ओमप्रकाश की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को आरोपित किया है। आरोपी कितनी संख्या में थे। इसका जिक्र नहीं है। प्रेमचंद्र का आरोप है कि रंग लगाने के विवाद में आरोपीगण गोलबंद होकर उसके बस्ती में घुस गए। जो जहां मिला, उसे लात, घूसों से पीटे और तोडफ़ोड़ किए। आसपास गांव के लोग भी जुट गए और दोनों तरफ से एक दूसरे पर पथराव शुरू हो गया।
चोट लगने से एसओ सुरेश चंद सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ के सामने पुलिस लाचार और असहाय बनी रही। बाद में डीएम सुहास एलवाई और एसपी दयानंद मिश्रा भारी संख्या में पुलिस और पीएसी लेकर पहुंचे, तब जाकर हालात पर काबू पाया जा सका। घटना को लेकर एसपी ने प्रथम दृष्यटा एसओ सुरेश चंद को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को भी क्षेत्र में तनाव बरकरार रहा। एसपीसिटी डा. विपिन ताड़ा ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। निलंबित एसओ के स्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं हो सकी है।
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खुदादादपुर गांव निवासी प्रेमचंद्र पुत्र ओमप्रकाश की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को आरोपित किया है। आरोपी कितनी संख्या में थे। इसका जिक्र नहीं है। प्रेमचंद्र का आरोप है कि रंग लगाने के विवाद में आरोपीगण गोलबंद होकर उसके बस्ती में घुस गए। जो जहां मिला, उसे लात, घूसों से पीटे और तोडफ़ोड़ किए। आसपास गांव के लोग भी जुट गए और दोनों तरफ से एक दूसरे पर पथराव शुरू हो गया।
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चोट लगने से एसओ सुरेश चंद सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ के सामने पुलिस लाचार और असहाय बनी रही। बाद में डीएम सुहास एलवाई और एसपी दयानंद मिश्रा भारी संख्या में पुलिस और पीएसी लेकर पहुंचे, तब जाकर हालात पर काबू पाया जा सका। घटना को लेकर एसपी ने प्रथम दृष्यटा एसओ सुरेश चंद को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को भी क्षेत्र में तनाव बरकरार रहा। एसपीसिटी डा. विपिन ताड़ा ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। निलंबित एसओ के स्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं हो सकी है।
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