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जनता के पैसे से खड़ा किया लाखों का काला साम्राज्य
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:00 AM IST
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आधार कार्ड
- फोटो : Getty Images
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आजमगढ़। फर्जी आधार कार्ड बनाकर खातों से लोगों के रुपये निकालने वाले गिरोह में शामिल अहरौला थाना क्षेत्र के विसुनपुरा गांव निवासी गुड्डू गोड़ पुत्र कल्पनाथ की दशा बीते पांच वर्ष में अचानक बदल गई। एसटीएफ लखनऊ गुड्डू के लहबरिया वाली दूकान पर आधार कार्ड बनवाने के बहाने पहुंची और उसे गिरफ्तार कर ली। एसटीएफ के साथ गंभीरपुर थाने की पुलिस भी मौजूद रही।
बता दें कि अहरौला थाना क्षेत्र के विसुनपुरा गांव निवासी गुड्डू गोड़ दो भाईयों में बड़ा था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले रिश्तेदार जीजा के यहां चला गया। उनके साथ लहबरिया बाजार में स्थित जीजा के कंप्यूटर की दूकान पर काम करने लगा।
वहां आधार कार्ड बनाया जाता था। करीब पांच वर्ष पूर्व गुड्डू का जीजा की पूरी दूकान गुड्डू संभालने लगा। सूत्रों की मानें तो इस दौरान उसके मन में शरारत सूझी और एक व्यक्ति का फर्जी आधार बनाकर उसके खाते से पांच हजार रुपये निकाला। संयोग ही था कि उक्त व्यक्ति के खाते में छह हजार रुपये थे। इस योजना के सफल होने के बाद गुड्डू धीरे-धीरे इस तरह का फर्जीवाड़ा करके दूसरे के आधार कार्ड के जरिए खाते से रुपये उड़ाने लगा।
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गुड्डू के गांव वालों की मानें तो पहले उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन बीते पांच वर्ष में अचानक ही दशा बदल गई। जो परिवार दो जून की रोटी के लिए तरस रहा था। वह अचानक ही लोगों की जमीन का बैनामा कराने लगा। गांव वालों को इस बात पर आश्चर्य जरूर हुआ लेकिन लोगों ने समझा की गुड्डू कमाई कर रहा है।
उधर लोगों के खातों से रुपये उड़ाकर काफी धन इकट्ठा कर चुका गुड्डू अपने सहयोग के लिए छोटे भाई को भी अपने साथ दूकान पर रख लिया। उधर फर्जीवाड़े का पता लगाते-लगाते एसटीएफ लखनऊ की टीम नौ सितंबर को गंभीरपुर थाने की पुलिस के साथ लहबरिया बाजार पहुंचकर गुड्डू से आधार कार्ड बनाने पहुंची। गुड्डू ने बनाना शुरू कर दिया। जिस पर एसटीएफ की टीम उसे गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर लखनऊ चली गई।
ऐसे बनाते थे आधार कार्ड
आजमगढ़ (ब्यूरो)। आधार कार्ड बनाने के लिये निधार्रित विधिक प्रणाली मानकों को बाईपास करते हुए बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से अधिकृत आपरेटर्स के फिंगर प्रिंट ले लेते थे। इसके बाद उसका बटर पेपर पर लेजर प्रिंटर से प्रिंट आउट निकालते थे।
फोटो पॉलीमर रेजिन केमिकल डालकर पॉलीमर क्यूरिंग उपकरण में पहले 10 डिग्री उसके पश्चात 40 डिग्री तापमान पर कृत्रिम फिंगर प्रिंट, मूल फिंगर प्रिंट के समान तैयार कर लेते थे। उसी कृत्रिम फिंगर प्रिंट का प्रयोग करके आधार कार्ड की वेबसाइट पर लॉगिन आपरेट करते थे। तैयार किया गया कृत्रिम फिंगर प्रिंट आपरेटर के मूल फिंगर प्रिंट की भांति ही काम करता है।
गुड्डू आदि के गिरफ्तारी के संबंध में एसटीएफ लखनऊ अपने स्तर से जांच कर रही है। उनके लोग सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। पुलिस की जहां आवश्यकता होगी। पुलिस वहां सहयोग करेगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी
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बता दें कि अहरौला थाना क्षेत्र के विसुनपुरा गांव निवासी गुड्डू गोड़ दो भाईयों में बड़ा था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले रिश्तेदार जीजा के यहां चला गया। उनके साथ लहबरिया बाजार में स्थित जीजा के कंप्यूटर की दूकान पर काम करने लगा।
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वहां आधार कार्ड बनाया जाता था। करीब पांच वर्ष पूर्व गुड्डू का जीजा की पूरी दूकान गुड्डू संभालने लगा। सूत्रों की मानें तो इस दौरान उसके मन में शरारत सूझी और एक व्यक्ति का फर्जी आधार बनाकर उसके खाते से पांच हजार रुपये निकाला। संयोग ही था कि उक्त व्यक्ति के खाते में छह हजार रुपये थे। इस योजना के सफल होने के बाद गुड्डू धीरे-धीरे इस तरह का फर्जीवाड़ा करके दूसरे के आधार कार्ड के जरिए खाते से रुपये उड़ाने लगा।
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गुड्डू के गांव वालों की मानें तो पहले उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन बीते पांच वर्ष में अचानक ही दशा बदल गई। जो परिवार दो जून की रोटी के लिए तरस रहा था। वह अचानक ही लोगों की जमीन का बैनामा कराने लगा। गांव वालों को इस बात पर आश्चर्य जरूर हुआ लेकिन लोगों ने समझा की गुड्डू कमाई कर रहा है।
उधर लोगों के खातों से रुपये उड़ाकर काफी धन इकट्ठा कर चुका गुड्डू अपने सहयोग के लिए छोटे भाई को भी अपने साथ दूकान पर रख लिया। उधर फर्जीवाड़े का पता लगाते-लगाते एसटीएफ लखनऊ की टीम नौ सितंबर को गंभीरपुर थाने की पुलिस के साथ लहबरिया बाजार पहुंचकर गुड्डू से आधार कार्ड बनाने पहुंची। गुड्डू ने बनाना शुरू कर दिया। जिस पर एसटीएफ की टीम उसे गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर लखनऊ चली गई।
ऐसे बनाते थे आधार कार्ड
आजमगढ़ (ब्यूरो)। आधार कार्ड बनाने के लिये निधार्रित विधिक प्रणाली मानकों को बाईपास करते हुए बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से अधिकृत आपरेटर्स के फिंगर प्रिंट ले लेते थे। इसके बाद उसका बटर पेपर पर लेजर प्रिंटर से प्रिंट आउट निकालते थे।
फोटो पॉलीमर रेजिन केमिकल डालकर पॉलीमर क्यूरिंग उपकरण में पहले 10 डिग्री उसके पश्चात 40 डिग्री तापमान पर कृत्रिम फिंगर प्रिंट, मूल फिंगर प्रिंट के समान तैयार कर लेते थे। उसी कृत्रिम फिंगर प्रिंट का प्रयोग करके आधार कार्ड की वेबसाइट पर लॉगिन आपरेट करते थे। तैयार किया गया कृत्रिम फिंगर प्रिंट आपरेटर के मूल फिंगर प्रिंट की भांति ही काम करता है।
गुड्डू आदि के गिरफ्तारी के संबंध में एसटीएफ लखनऊ अपने स्तर से जांच कर रही है। उनके लोग सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। पुलिस की जहां आवश्यकता होगी। पुलिस वहां सहयोग करेगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी