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अवैध खनन में खनन माफियाओं पर 21.30 लाख का जुर्माना
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। सगड़ी तहसील के मझरिया भिक्षुक में पिछले दिनों बड़े पैमाने पर अवैध खनन पकड़ा गया था। इतना ही नहीं कार्रवाई करने गए खान अधीक्षक और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला भी किया गया था। इस मामले में एफआईआर भी कराई गई थी। अवैध रूप से खनन करने वाले गोरखपुर जनपद के पट्टाधारक थे। पैमाइश के बाद खनन किया गया क्षेत्र आजमगढ़ का निकलने पर अरविंद सिंह पुत्र विजयप्रताप सिंह पर डीएम ने 21.30 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
ए अहमद पुत्र हबीब ने ऑनलाइन शिकायत की थी कि सगड़ी तहसील के मंझरिया भिक्षुक में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। शिकायत की जांच के लिए खान अधीक्षक विनीत सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल और थाना प्रभारी के साथ 30 मई को मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण में पाया गया था कि लगभग 4950 घन मीटर बालू का अवैध खनन पंकज शाही, मुन्ना सिंह, चंद्रदेव गिरी, गौरी शंकर मिश्रा, जुगनू दुबे की ओर से कराया जा रहा है। पूछने पर खनन कराने वाले अरविंद सिंह पुत्र विजय प्रताप सिंह निवासी गोपालनगर, महाराजगंज ने इस स्थान को गोरखपुर क्षेत्र में बताते हुए कहा कि इसका पांच साल के लिए पट्टा किया गया है। लेखपाल ने बताया कि ये आजमगढ़ जनपद का मंझरिया भिक्षुक है। इस दौरान जांच टीम पर जानलेवा हमला भी किया गया था। इसमें कई लोगों के खिलाफ रौनापार थाने में एफआईआर भी हुई थी।
सीमा विवाद के बाद छह और 20 जून को दोनों जनपदों की संयुक्त टीम की ओर से तहसीलदार सगड़ी (आजमगढ़) और तहसीलदार खजनी (गोरखपुर) के नेतृत्व में पैमाइश की गई। सर्वेक्षक क्षेत्रीय कार्यालय भूतत्व एवं खनिकर्म बी मौजूद थे। जांच के खनन वाली जगह आजमगढ़ जनपद में पाई गई। ऐेसे में इस विधि विरुद्ध अवैध खनन के लिए उन्हें दोषी पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने अरविंद सिंह पर रायल्टी, खनिज मूल्य और अर्थदंडद के रूप में 21.30 लाख रुपया जुर्माना लगाया है। अरविंद सिंह को नोटिस भी जारी की गई है कि 15 दिन में धनराशि को ट्रेजरी के संबंधित खाते में जमा कराया जाए। इसके साथ ही अवैध खनन के संबंध में उनका स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। न मिलने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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ए अहमद पुत्र हबीब ने ऑनलाइन शिकायत की थी कि सगड़ी तहसील के मंझरिया भिक्षुक में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। शिकायत की जांच के लिए खान अधीक्षक विनीत सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल और थाना प्रभारी के साथ 30 मई को मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण में पाया गया था कि लगभग 4950 घन मीटर बालू का अवैध खनन पंकज शाही, मुन्ना सिंह, चंद्रदेव गिरी, गौरी शंकर मिश्रा, जुगनू दुबे की ओर से कराया जा रहा है। पूछने पर खनन कराने वाले अरविंद सिंह पुत्र विजय प्रताप सिंह निवासी गोपालनगर, महाराजगंज ने इस स्थान को गोरखपुर क्षेत्र में बताते हुए कहा कि इसका पांच साल के लिए पट्टा किया गया है। लेखपाल ने बताया कि ये आजमगढ़ जनपद का मंझरिया भिक्षुक है। इस दौरान जांच टीम पर जानलेवा हमला भी किया गया था। इसमें कई लोगों के खिलाफ रौनापार थाने में एफआईआर भी हुई थी।
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सीमा विवाद के बाद छह और 20 जून को दोनों जनपदों की संयुक्त टीम की ओर से तहसीलदार सगड़ी (आजमगढ़) और तहसीलदार खजनी (गोरखपुर) के नेतृत्व में पैमाइश की गई। सर्वेक्षक क्षेत्रीय कार्यालय भूतत्व एवं खनिकर्म बी मौजूद थे। जांच के खनन वाली जगह आजमगढ़ जनपद में पाई गई। ऐेसे में इस विधि विरुद्ध अवैध खनन के लिए उन्हें दोषी पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने अरविंद सिंह पर रायल्टी, खनिज मूल्य और अर्थदंडद के रूप में 21.30 लाख रुपया जुर्माना लगाया है। अरविंद सिंह को नोटिस भी जारी की गई है कि 15 दिन में धनराशि को ट्रेजरी के संबंधित खाते में जमा कराया जाए। इसके साथ ही अवैध खनन के संबंध में उनका स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। न मिलने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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