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गाय को बचाने में ट्रेन से कटकर छात्र की मौत
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:54 PM IST
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अंबारी। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के खानजहांपुर डगरा पर बुधवार की शाम गाय को बचाने के प्रयास में कक्षा दस का छात्र ट्रेन से कटकर मर गया। परिवार का दीपक बुझ जाने से घर में कोहराम मच गया।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के खानजहांपुर गांव निवासी जितेंद्र राम (15) पुत्र स्व. गामा राम का इकलौता पुत्र था। पिता की मौत के बाद उसकी मां चंदा देवी उसे पढ़ा रही थी। वह कक्षा दस का छात्र था। बुधवार को स्कूल से घर आने के बाद जितेंद्र अपनी गाय को चरने के लिए गांव के डगरा की तरफ लेकर चला गया। उसके साथ गांव के अन्य लड़के भी मौजूद थे। जितेंद्र की गाय चरते-चरते रेलवे ट्रैक पर चली गई। तभी आजमगढ़ की ओर से साबरमती एक्सप्रेस आ रही थी। तेज गति से ट्रेन आते देख जितेंद्र अपनी गाय को बचाने पहुंचा और उसे ट्रैक से हटा दिया। लेकिन तब तक वह खुद ट्रेन की चपेट में आ गया और वह घायल होकर दूर फेंका गया। घटना के बाद मौजूद जितेंद्र के साथी भागकर घर पहुंचे और उसकी मां को बताया। लोग जब तक उसे अस्पताल ले जाने का प्रबंध करते कि जितेंद्र की मौत हो गई। जीवन का आखिरी सहारा बेटा जितेंद्र की भी मौत हो जाने से उसकी मां चंदा देवी बदहवास होकर गिर गई। आसपास के लोग उसे संभालते हुए घर लेकर पहुंचे और जितेंद्र की लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के खानजहांपुर गांव निवासी जितेंद्र राम (15) पुत्र स्व. गामा राम का इकलौता पुत्र था। पिता की मौत के बाद उसकी मां चंदा देवी उसे पढ़ा रही थी। वह कक्षा दस का छात्र था। बुधवार को स्कूल से घर आने के बाद जितेंद्र अपनी गाय को चरने के लिए गांव के डगरा की तरफ लेकर चला गया। उसके साथ गांव के अन्य लड़के भी मौजूद थे। जितेंद्र की गाय चरते-चरते रेलवे ट्रैक पर चली गई। तभी आजमगढ़ की ओर से साबरमती एक्सप्रेस आ रही थी। तेज गति से ट्रेन आते देख जितेंद्र अपनी गाय को बचाने पहुंचा और उसे ट्रैक से हटा दिया। लेकिन तब तक वह खुद ट्रेन की चपेट में आ गया और वह घायल होकर दूर फेंका गया। घटना के बाद मौजूद जितेंद्र के साथी भागकर घर पहुंचे और उसकी मां को बताया। लोग जब तक उसे अस्पताल ले जाने का प्रबंध करते कि जितेंद्र की मौत हो गई। जीवन का आखिरी सहारा बेटा जितेंद्र की भी मौत हो जाने से उसकी मां चंदा देवी बदहवास होकर गिर गई। आसपास के लोग उसे संभालते हुए घर लेकर पहुंचे और जितेंद्र की लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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