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हत्या के आरोपी को उम्रकैद
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बलिया। न्यायालय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बीके लाल की अदालत ने हत्या के आरोपी बबलू उर्फ दिलीप कुमार को आजीवन करावास के साथ-साथ दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न अदा करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक भीमपुरा क्षेत्र के सरया डीहूं भगत निवासी वादी हरिश्चंद्र ने थाने में तहरीर दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि 30 नवंबर 2015 की रात में करीब 8:40 बजे जब वादी का लड़का खाना खा रहा था। तब लड़के के मोबाइल पर फोन आया था और उसे बुलाया गया। इस बात को उसकी लड़की सुनी और वादी का लड़का खाने खाने के बाद तुरंत चला गया कि एक दिसंबर 2015 समय दोपहर के बाद गांव के पूर्व पोखरे के पास गांव के कुछ लड़के या छोटे-छोटे बच्चे शौच के लिए गए थे।
उधर जाने के बाद देखा कि पोखरे में एक आदमी का हाथ दिखाई दे रहा है। बच्चे शोर मचाते हुए घर आए तब लोग हम लोग को पोखरे पर गए, तब देखे कि राकेश कुमार उर्फ उदय की लाश पोखरे में पड़ी थी। उसे लोगों के सहयोग से बाहर निकाला गया। पाया गया कि वादी का लड़का को चाकू से वार कर मारा गया था। उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना भीमपुरा में अज्ञात के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शव का पोस्टमार्टम और दौरान विवेचना के सामने बबलू उर्फ दिलीप कुमार निवासी सारयाडीहू भगत थाना भीमपुरा जिला बलिया के खिलाफ धारा 302, 201 भारतीय दंड संहिता के तहत आरोप न्यायालय में प्रेषित किया।
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इस मामले में न्यायालय ने गवाहों एवं साक्ष्यों का सम्यक परिशीलन करने के उपरांत अधिवक्ताओं की बहस सुनने के उपरांत अभियुक्त के खिलाफ दोेष साबित पाते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास का दंड से दंडित किया। साथ ही दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक वर्ष का साधारण कारावास की सजा कटनी पड़ेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक भीमपुरा क्षेत्र के सरया डीहूं भगत निवासी वादी हरिश्चंद्र ने थाने में तहरीर दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि 30 नवंबर 2015 की रात में करीब 8:40 बजे जब वादी का लड़का खाना खा रहा था। तब लड़के के मोबाइल पर फोन आया था और उसे बुलाया गया। इस बात को उसकी लड़की सुनी और वादी का लड़का खाने खाने के बाद तुरंत चला गया कि एक दिसंबर 2015 समय दोपहर के बाद गांव के पूर्व पोखरे के पास गांव के कुछ लड़के या छोटे-छोटे बच्चे शौच के लिए गए थे।
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उधर जाने के बाद देखा कि पोखरे में एक आदमी का हाथ दिखाई दे रहा है। बच्चे शोर मचाते हुए घर आए तब लोग हम लोग को पोखरे पर गए, तब देखे कि राकेश कुमार उर्फ उदय की लाश पोखरे में पड़ी थी। उसे लोगों के सहयोग से बाहर निकाला गया। पाया गया कि वादी का लड़का को चाकू से वार कर मारा गया था। उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना भीमपुरा में अज्ञात के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शव का पोस्टमार्टम और दौरान विवेचना के सामने बबलू उर्फ दिलीप कुमार निवासी सारयाडीहू भगत थाना भीमपुरा जिला बलिया के खिलाफ धारा 302, 201 भारतीय दंड संहिता के तहत आरोप न्यायालय में प्रेषित किया।
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इस मामले में न्यायालय ने गवाहों एवं साक्ष्यों का सम्यक परिशीलन करने के उपरांत अधिवक्ताओं की बहस सुनने के उपरांत अभियुक्त के खिलाफ दोेष साबित पाते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास का दंड से दंडित किया। साथ ही दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक वर्ष का साधारण कारावास की सजा कटनी पड़ेगी।