{"_id":"5bcf638bbdec22429120492f","slug":"71540318091-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुठभेड़ में ईनामी बदमाश और दरोगा घायल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुठभेड़ में ईनामी बदमाश और दरोगा घायल
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:05 AM IST
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कटानी बाजार। महराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर तुर्कचारा मोड़ पर मंगलवार की अल सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में हाथ मेें गोली लगने से महराजगंज थाने पर तैनात दरोगा बसंतलाल और पुलिस की गोली पैर में लगने से 75 हजार का ईनामी बदमाश बलवंत यादव उर्फ राहुल घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो साथी फायर करते हुए भाग निकले। घायल दरोगा का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा। बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। बदमाश के पास से एक पिस्टल, कारतूस, लूट के रुपये और चोरी की बाइक बरामद हुई है। पूछताछ के दौरान बदमाश ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ पुराने दुश्मन की हत्या करने जा रहा था। फरार बदमाशों की तलाश की जारी है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक शहर में स्थित एक बड़े व्यापारी के मुनीब से गत दिनों 1.37 लाख रुपये की लूट हुई थी। सीसीटीवी फुटेज आदि के जरिए पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई थी। मंगलवार की भोर में एसओ महराजगंज दिनेश पाठक और बिलरियागंज संजय सिंह बार्डर पर खड़े थे। सूचना मिलने पर शिवपुर तुर्कचारा मोड़ की तरफ पहुंचे। पुलिस टीम अभी वहां खड़ी भी नहीं हो पाई थी कि एक बाइक पर सवार तीन युवक बड़ी तेजी से निकले। रुकने का इशारा किया तो वे फायर कर भागने लगे। बदमाशों की गोली महराजगंज थाने के दरोगा बसंतलाल के हाथ में लग गई। इससे वह घायल हो गए। पुलिस ने जवाब में फायरिंग किया। बदमाश बलवंत यादव के पैर में गोली लगने से घायल हो गया और बाइक पलट गई। बलवंत को घायल देख उसके अन्य दोनों साथी कंधरापुर थाने के आंखापुर निवासी पवन राय और उदयभान यादव फायर करते हुए भागने में सफल हो गए। एसपी ग्रामीण के मुताबिक गिरफ्तार बलवंत यादव उर्फ राहुल गोरखपुर जिले के बेलाघाट थाना क्षेत्र के गुलाटी चक जीतवापुर में मकान बनाकर परिवार सहित रहता है। वह मूलरूप से महराजगंज थाने के हथियागढ़ गांव का निवासी है। बलवंत के पास से लूट के 8710 रुपये, पिस्टल, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद हुई। पूछताछ के दौरान बलवंत ने बताया कि वह साथियों संग कई दिनों से अपने गांव के लक्ष्मण निषाद की हत्या करने के लिए रेकी कर रहा था। मंगलवार को उसकी हत्या करने जा रहा था। एसपी ग्रामीण ने बताया कि बलवंत के ऊपर आजमगढ़ से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गोरखपुर और संत कबीरनगर पुलिस की ओर से भी 25-25 हजार ईनाम था। उसके विरुद्ध आजमगढ़ के अलावा गोरखपुर, बस्ती, देवरिया आदि जिलों में लूट, हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है।
लूट के रुपये से खरीदा था असलहा
आजमगढ़। महराजगंज थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव के पास से आटोरिक्शा में बैठे एक व्यापारी के मुनीम से 1.37 लाख रुपये लूटने के बाद बलवंत यादव उर्फ राहुल ने कई अवैध असलहे और कारतूस खरीदा। शेष रकम आपस में बांट लिया। बलवंत अपने पिता के हत्यारोपी की हत्या करने की योजना तैयार किया। साथ ही घटना को अंजाम देने के लिए कई बार अलग-अलग वाहनों से गांव पहुंचकर रेकी किया। मंगलवार को इन सभी को तय समय के मुताबिक सुबह घटना को अंजाम देना था। उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बलवंत उर्फ राहुल यादव मूलरुप से महराजगंज थाने के हथियागढ़ गांव का निवासी है। जिस समय वह पांच वर्ष का था। उस समय उसके पिता की हत्या कर दी गई। मुख्य हत्यारोपी उसके गांव का लक्ष्मण निषाद है। पिता की हत्या के बाद बलवंत की परिवार गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के गुलाटीचकजीतवारपुर गांव में मकान बनाकर रहने लगा। बलवंत पेशेवर अपराधी है। पिता के हत्यारे की हत्या करने की योजना बनाई। इसी योजना के तहत नौ अक्तूबर को मोलनापुर गांव के पास से मुनीब से 1.37 लाख रुपये लूट लिया। इन रुपयों से वह कई अवैध असलहे खरीदकर स्वयं और अपने साथियों को दिया। एसपी ग्रामीण के मुताबिक बीते एक सप्ताह से बलवंत पिता के हत्यारे लक्ष्मण निषाद की हत्या के लिए रेकी कर रहे थे। इस दौरान वह कभी स्कार्पियो तो कभी बाइक या अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया। उधर मुनीब को लूटने वालों में बलवंत यादव की भी पहचान हुई। तभी से पुलिस बलवंत के गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मंगलवार की सुबह घटना को अंजाम दिए जाने से पहले ही मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
महराजगंज और बिलरियागंज थाने की पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। बलवंत की गिरफ्तारी से न केवल एक व्यक्ति की जान बच गई। बल्कि कई जिलों में इसके नाम का चल रहा खौफ भी समाप्त हो गया। बलवंत यादव के अन्य फरार साथियों की तलाश की जा रही। - रविशंकर छवि, एसपी
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लूट के रुपये से खरीदा था असलहा
आजमगढ़। महराजगंज थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव के पास से आटोरिक्शा में बैठे एक व्यापारी के मुनीम से 1.37 लाख रुपये लूटने के बाद बलवंत यादव उर्फ राहुल ने कई अवैध असलहे और कारतूस खरीदा। शेष रकम आपस में बांट लिया। बलवंत अपने पिता के हत्यारोपी की हत्या करने की योजना तैयार किया। साथ ही घटना को अंजाम देने के लिए कई बार अलग-अलग वाहनों से गांव पहुंचकर रेकी किया। मंगलवार को इन सभी को तय समय के मुताबिक सुबह घटना को अंजाम देना था। उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बलवंत उर्फ राहुल यादव मूलरुप से महराजगंज थाने के हथियागढ़ गांव का निवासी है। जिस समय वह पांच वर्ष का था। उस समय उसके पिता की हत्या कर दी गई। मुख्य हत्यारोपी उसके गांव का लक्ष्मण निषाद है। पिता की हत्या के बाद बलवंत की परिवार गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के गुलाटीचकजीतवारपुर गांव में मकान बनाकर रहने लगा। बलवंत पेशेवर अपराधी है। पिता के हत्यारे की हत्या करने की योजना बनाई। इसी योजना के तहत नौ अक्तूबर को मोलनापुर गांव के पास से मुनीब से 1.37 लाख रुपये लूट लिया। इन रुपयों से वह कई अवैध असलहे खरीदकर स्वयं और अपने साथियों को दिया। एसपी ग्रामीण के मुताबिक बीते एक सप्ताह से बलवंत पिता के हत्यारे लक्ष्मण निषाद की हत्या के लिए रेकी कर रहे थे। इस दौरान वह कभी स्कार्पियो तो कभी बाइक या अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया। उधर मुनीब को लूटने वालों में बलवंत यादव की भी पहचान हुई। तभी से पुलिस बलवंत के गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मंगलवार की सुबह घटना को अंजाम दिए जाने से पहले ही मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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महराजगंज और बिलरियागंज थाने की पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। बलवंत की गिरफ्तारी से न केवल एक व्यक्ति की जान बच गई। बल्कि कई जिलों में इसके नाम का चल रहा खौफ भी समाप्त हो गया। बलवंत यादव के अन्य फरार साथियों की तलाश की जा रही। - रविशंकर छवि, एसपी
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