{"_id":"5cc0a72fbdec225f412dde30","slug":"61556129583-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गला दबाने के पूर्व पेट में मारा गया था घूंसा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
गला दबाने के पूर्व पेट में मारा गया था घूंसा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। मेंहनाजपुर थाना क्षेत्र के तियरा गांव में मासूम बच्ची की हत्या का राज खोज पाने में पुलिस अब तक असफल ही साबित हुई है। पीएम रिपोर्ट में उसकी मौत गला दबाने के पूर्व पेट में घूंसा मरने से लीवर के फट जाने से हुई बतायी जा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच परिजनों के ही ईद-गिर्द घूम रही है। वहीं स्थानीय लोग भी दबी जुमान परिजनों द्वारा ही बच्ची की हत्या की बात कहीं जा रही है।
तियरा गांव निवासीनी चार वर्षीया अदिति मौर्या पुत्री रामप्रसाद मंगलवार की शाम घर के बाहर से अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन किया और देर रात थाने पर गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। रात का वक्त होने के चलते पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखायी और बुधवार की सुबह परिजनों ने ही बच्ची का शव घर के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा मकान में पड़ा देखा। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम में भेज दिया। बच्ची के गले में दुपट्टा पड़ा था, जिस पर कई गांठ बांध कर उसका गला दबाया गया था। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाने के बजाय लीवर फटने से बताया जा रहा है। पीएम करने वाले डॉक्टरों की माने तो गला दबाने के पूर्व उसके पेट पर जोरदार घूसों से प्रहार किया गया था, जिससे उसका लीवर फट गया था। घटना को लेकर परिजन जहां किसी पर भी आरोप नहीं लगा रहे है वहीं पुलिस के लिए भी बच्ची की हत्या चुनौती बन गई है। डॉगस्क्वायड के साथ ही फोरेंसिक टीम भी कुछ पता नहीं लगा सकी है। ग्रामीण दबी जुबान परिजनों पर ही हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त कर रहे है और फिलहाल पुलिस खुल कर तो कुछ नही कह रही लेकिन उसकी भी जांच पड़ताल फिलहाल परिजनों के ईदगिर्द ही घूम रही है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि बच्ची का गला जिस दुपट्टे से कसा गया था वह उसकी परिवार का ही था।
विज्ञापन
तियरा गांव निवासीनी चार वर्षीया अदिति मौर्या पुत्री रामप्रसाद मंगलवार की शाम घर के बाहर से अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन किया और देर रात थाने पर गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। रात का वक्त होने के चलते पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखायी और बुधवार की सुबह परिजनों ने ही बच्ची का शव घर के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा मकान में पड़ा देखा। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम में भेज दिया। बच्ची के गले में दुपट्टा पड़ा था, जिस पर कई गांठ बांध कर उसका गला दबाया गया था। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाने के बजाय लीवर फटने से बताया जा रहा है। पीएम करने वाले डॉक्टरों की माने तो गला दबाने के पूर्व उसके पेट पर जोरदार घूसों से प्रहार किया गया था, जिससे उसका लीवर फट गया था। घटना को लेकर परिजन जहां किसी पर भी आरोप नहीं लगा रहे है वहीं पुलिस के लिए भी बच्ची की हत्या चुनौती बन गई है। डॉगस्क्वायड के साथ ही फोरेंसिक टीम भी कुछ पता नहीं लगा सकी है। ग्रामीण दबी जुबान परिजनों पर ही हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त कर रहे है और फिलहाल पुलिस खुल कर तो कुछ नही कह रही लेकिन उसकी भी जांच पड़ताल फिलहाल परिजनों के ईदगिर्द ही घूम रही है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि बच्ची का गला जिस दुपट्टे से कसा गया था वह उसकी परिवार का ही था।
विज्ञापन