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जमीन बचाने के लिए बेटे ने की थी पिता का हत्या
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:59 PM IST
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आजमगढ़। लगभग एक माह बाद कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव कादीपुर हरिकेश में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। जमीन को बचाने के लिए बेटे ने ही रिश्तेदारों के साथ मिलकर घर में पिता की डंडा मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद लाश को अंबेडकरनगर में सरयू नदी पुल से नीचे बहा दिया था। पुलिस ने आरोपी बेटे के साथ ही एक रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार बताया जाता है। रामअवध की लाश को अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव कादीपुर हरिकेश निवासी रामअवध पुत्र स्व. कुमार निषाद के पास 10 बिस्वा जमीन थी। रामअवध शराब पीने का आदी था। अपने हिस्से की पांच बिस्वा जमीन वो पहले ही बेच चुका था। शेष जमीन को भी बेचने की तैयारी कर रहा था। पत्नी, दो बेटे हनुमान और विजय बहादुर और दो बेटियां इसकी विरोध कर रही थी। घर में इसको लेकर लड़ाई हो रही थी। इसलिए रामअवध ने पत्नी और बच्चों को उनके ननिहाल अहरौला थाना क्षेत्र के गांव बसही भेज दिया था। आठ जून से राम अवध गायब हो गया। गांव में चर्चा थी की राम अवध की हत्या कर दी गई है, लेकिन किसी ने मामले की तहरीर नहीं दी थी। काफी प्रयास के बाद राम अवध के भाई मखंचू की ओर से मृतक की पत्नी, बेटे, एक भाई को नामजद करते हुए 17 जून को तहरीर पुलिस को दी गई। इस आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
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पुलिस ने हनुमान और उसके मौसी के पुत्र दिलावर को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर मंगलवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पूछताछ में आरोपी बेटे हनुमान ने बताया कि पिता शराब की लत में पहले ही पांच बिस्वा जमीन बेच चुके थे। बाकी बची जमीन को भी बेचना चाहते थे। हमने मना किया तो मारपीट कर ननिहाल भेज दिया। आठ जून को वो भाई विजय बहादुर, रिश्तेदार दिलावर के साथ गांव आया। मना करने पर भी पिता नहीं माने तो मारपीट हो गई. सिर पर डंडा मारकर उनकी हत्या कर दी। शव को उस दिन घर में ही छिपा दिया। अगले दिन दोस्त के वाहन से वाहन से शव को अंबेडकर नगर में सरयू नदी पर बने मऊ माडर्न पुल से नदी में फेंक दिया। इसके बाद फरार हो गए। पुलिस अभी तक शव को बरामद नहीं कर पाई है। फरार अभियुक्तों का तलाश जारी है। एसपी ने खुलासे में सम्मिलित थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा और टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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