फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   बसपा नेता और काश्तकारों ने रोका आरटीओ आफिस का निर्माण

बसपा नेता और काश्तकारों ने रोका आरटीओ आफिस का निर्माण

Sat, 13 Oct 2018 12:05 AM IST
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
बसपा नेता और काश्तकारों ने रोका आरटीओ आफिस का निर्माण
आजमगढ़। परिवहन विभाग को गंभीर वन ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक और एआरटीओ कार्यालय बनना के लिए 2.02 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। ट्रैक का निर्माण शुरू भी हो गया है। इस बीच कुछ काश्तकारों और बसपा के पूर्व सांसद डॉ. बलिराम ने इस जमीन कुछ हिस्सा अपना बताते हुए निर्माण रोक दिया है। संभागीय परिवहन अधिकारी की ओर से जिलाधिकारी से शिकायत करने पर मुख्य राजस्व अधिकारी ने भूमि संबंधित अभिलेख तलब करते हुए एसडीएम को निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने समय सदर तहसील के गंभीरवन काफी जमीनों भू-माफियाओं से खाली कराया गया था। इसी जमीन में 45 एकड़ जमीन यूपीएसआईडीसी को उद्योग लगाने और गाटा संख्या 452 की 2.02 हेक्टेयर जमीन परिवहन विभाग को आफिस बनाने के साथ ही आटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक स्थापित करने के लिए दी गई थी। परिवहन विभाग का आरोप है कि आफिस का निर्माण शुरू कराते ही कुछ काश्तकारों के साथ ही बसपा के पूर्व सांसद डॉ. बलिराम ने काम को रोक दिया। उनका कहना है कि विभाग को आवंटित जमीन उनकी भी कुछ जमीन आ रही है। निर्माण रुकने पर परिवहन विभाग जिलाधिकारी के दरबार पहुंचा। संभागीय परिवहन अधिकारी दरोगा सिंह ने इसकी लिखित शिकायत की है।इसपर जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने मुख्य राजस्व अधिकारी को मामले के निस्तारण के आदेश दिए। शुक्रवार को फाइल के साथ एआरटीओ प्रशासन आरएस चौधरी सीआरओ आफिस पहुंचे। समस्या से अवगत कराया। मुख्य राजस्व अधिकारी ने एसडीएम सदर से भूमि संबंधी अभिलेख तलब किया। साथ ही मौके पर जाकर फोर्स के साथ विवाद को हल करने के निदेश दिए।
विज्ञापन


बिना पैरवी हाईकोर्ट से मिल गया स्टे
आजमगढ़। जिला प्रशासन की ओर से पिछले कुछ वर्षों में गंभीरवन में अवैध कब्जे से 500 एकड़ से ज्यादा सरकारी सरकारी भूमि मुक्त कराई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने हाईकोर्ट की ओर से रुख कर दिया। प्रशासन की ओर से मामले में कोई पैरवी नहीं होने से दूसरे पक्ष को स्टे मिल गया। 45 एक़ड़ जमीन यूपीएसआईडीसी को उद्योग लगाने के लिए दी गई थी। इस जमीन पर भी किसानों को स्टे मिलने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन


गंभीरवन में तत्कालीन डीडीसी रितु सुहास ने 179 लोगों के वैध पट्टों को निरस्त कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने स्टे दिया है। सभी पट्टे वैध थे। वर्ष 2000 में मैने भी इसी पट्टों में बैनामा लिया है। मेरी 640 कड़ी जमीन पर ढाई फीट लंबे धान की फसल को मुझसे बिना पूछे काट लिया गया। इस प्रकरण में डीएम से मिल कर सीमांकन की मांग कर चुका हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. बलिराम, पूर्व सांसद

परिवहन विभाग की शिकायत पर जांच दी गई है। एसडीएम से सभी फाइल तलब की गई है। जांच के बाद ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।
आलोक वर्मा, सीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed