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दूसरी पत्नी दे रही जान-माल की धमकी
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:38 PM IST
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आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र के खरिहानी गांव निवासी जितेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को एसपी से मिलकर जान-माल सुरक्षा की गुहार लगाई। दूसरी पत्नी सहित नामजद अभियुक्तों पर कार्रावाई की मांग किया है। पीड़ित का कहना है कि जांच किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराया जाए।
जितेंद्र कुशवाहा पुत्र चंद्रशेखर कुशवाहा ने बताया कि उसकी शादी जहानागंज थाना क्षेत्र के नरेहथा गांव निवासी चंद्र किरन पुत्री रविंद्र मौर्या के साथ मई 2004 में हुई थी। उसे तीन बेटियां हुईं। पुत्र न होने के कारण परिजनों और पत्नी चंद्र किरन की राय से क्षेत्र के टंडवा निवासी रंजू मौर्या पुत्री छेदी मौर्या से विवाह इस शर्त पर हुई थी कि तुम रंजू के पुत्र जय सिंह कुशवाहा को गोद ले लो। दूसरी शादी के कुछ ही वर्ष बाद पहली पत्नी चन्द्रकिरण को एक पुत्र पैदा हुआ। दूसरी पत्नी ने संपत्ति के लालच में नवजात लड़के को बीमार बताकर उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। पीड़ित का आरोप है कि दूसरी पत्नी ने चिकित्सक से मिलकर संपत्ति के लालच में नवजात बच्चे की हत्या करा दी। न्यायालय के आदेश पर तरवां पुलिस ने रंजू मौर्या पुत्री छेदी, सुरेश राम पुत्र साधू राम, राधिका पत्नी श्यामसुन्दर व छेदी मौर्या के खिलाफ 18 सितंबर 2017 को मुकदमा दर्ज किया। पीड़ित ने बताया कि विवेचक एसआई प्रवीण कुमार यादव के स्थानांतरण से विवेचना ठप पड़ी है। मायके वाले मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। एसपी से घटना की किसी अन्य सक्षम अधिकारी से जांच कराने एवं आरोपियों के खिलाफ कार्रावाई की मांग की।
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जितेंद्र कुशवाहा पुत्र चंद्रशेखर कुशवाहा ने बताया कि उसकी शादी जहानागंज थाना क्षेत्र के नरेहथा गांव निवासी चंद्र किरन पुत्री रविंद्र मौर्या के साथ मई 2004 में हुई थी। उसे तीन बेटियां हुईं। पुत्र न होने के कारण परिजनों और पत्नी चंद्र किरन की राय से क्षेत्र के टंडवा निवासी रंजू मौर्या पुत्री छेदी मौर्या से विवाह इस शर्त पर हुई थी कि तुम रंजू के पुत्र जय सिंह कुशवाहा को गोद ले लो। दूसरी शादी के कुछ ही वर्ष बाद पहली पत्नी चन्द्रकिरण को एक पुत्र पैदा हुआ। दूसरी पत्नी ने संपत्ति के लालच में नवजात लड़के को बीमार बताकर उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। पीड़ित का आरोप है कि दूसरी पत्नी ने चिकित्सक से मिलकर संपत्ति के लालच में नवजात बच्चे की हत्या करा दी। न्यायालय के आदेश पर तरवां पुलिस ने रंजू मौर्या पुत्री छेदी, सुरेश राम पुत्र साधू राम, राधिका पत्नी श्यामसुन्दर व छेदी मौर्या के खिलाफ 18 सितंबर 2017 को मुकदमा दर्ज किया। पीड़ित ने बताया कि विवेचक एसआई प्रवीण कुमार यादव के स्थानांतरण से विवेचना ठप पड़ी है। मायके वाले मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। एसपी से घटना की किसी अन्य सक्षम अधिकारी से जांच कराने एवं आरोपियों के खिलाफ कार्रावाई की मांग की।
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