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पुलिस से मायूस परिवार कर रहा पलायन की तैयारी
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:18 PM IST
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आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के केदारपुर गांव निवासी एक परिवार गांव के पत्थरबाजों के उत्पीड़न और पुलिस से मिली नाकामी से परेशान होकर अब पलायन की तैयारी कर रहा है। गुरुवार को इस मामले में डीआईजी आजमगढ़ से शिकायत की गई तो उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया। डीआईजी से पहले पीड़ित एसओ, सीओ, एसपी ग्रामीण और एसपी तक से शिकायत कर चुका है। लेकिन घर में पत्थर गिरना बंद नहीं हुआ। उल्टे अधिकारियों से शिकायत करने का दंश उसे झेलना पड़ रहा है।
अहरौला थाना क्षेत्र के केदारपुर गांव में बीते दो माह से एक व्यक्ति के घर पर लगातार गांव के कुछ मनबढ़ पत्थर फेंक रहे हैं। आए दिन ईंट पत्थर गिरने से जगह-जगह छत आदि टूट चुका है। इस पत्थरबाजी को रोकने के लिए एसपी ग्रामीण के निर्देश पर सीओ बूढ़नपुर गांव में जाकर दोनों पक्षों से वार्ता कर मामले को शांत कराया। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया। लेकिन सीओ के जाते ही पुन: पत्थर गिरना शुरू हो गया। पीड़ित का कहना है कि जैसे ही उसके बच्चे शाम को घर में पढ़ना शुरू करते हैं। उसी समय पत्थर गिरने लगता है। एसपी के निर्देश पर मंगलवार की रात अहरौला थाने के एक दरोगा और तीन सिपाही जांच करने पहुंचे तो पुलिसवालों पर भी पत्थर गिरा और वे भाग खड़े हुए। बुधवार को दरोगा ने दो लोगों को हिरासत में लिया। लेकिन थानाध्यक्ष उन्हें निर्दोष बताकर छोड़ दिया। पुलिस से मायूश और पत्थरबाजों के उत्पीडन से परेशान पीड़ित परिवार सहित पलायन की योजना बना रहा है।
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अहरौला थाना क्षेत्र के केदारपुर गांव में बीते दो माह से एक व्यक्ति के घर पर लगातार गांव के कुछ मनबढ़ पत्थर फेंक रहे हैं। आए दिन ईंट पत्थर गिरने से जगह-जगह छत आदि टूट चुका है। इस पत्थरबाजी को रोकने के लिए एसपी ग्रामीण के निर्देश पर सीओ बूढ़नपुर गांव में जाकर दोनों पक्षों से वार्ता कर मामले को शांत कराया। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया। लेकिन सीओ के जाते ही पुन: पत्थर गिरना शुरू हो गया। पीड़ित का कहना है कि जैसे ही उसके बच्चे शाम को घर में पढ़ना शुरू करते हैं। उसी समय पत्थर गिरने लगता है। एसपी के निर्देश पर मंगलवार की रात अहरौला थाने के एक दरोगा और तीन सिपाही जांच करने पहुंचे तो पुलिसवालों पर भी पत्थर गिरा और वे भाग खड़े हुए। बुधवार को दरोगा ने दो लोगों को हिरासत में लिया। लेकिन थानाध्यक्ष उन्हें निर्दोष बताकर छोड़ दिया। पुलिस से मायूश और पत्थरबाजों के उत्पीडन से परेशान पीड़ित परिवार सहित पलायन की योजना बना रहा है।
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