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जेल की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं

Sat, 01 Sep 2018 11:36 PM IST
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:36 PM IST
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जेल की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं
आजमगढ़। नए आधुनिक जेल में भले ही क्षमता से कम बंदी रखे गए हैं, लेकिन व्यवस्थाओं को संभालने वालों की संख्या अभी बहुत कम है। ना ही गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त संसाधन ही उपलब्ध है। सुरक्षा के मानक, कर्मचारियों की आवश्यकता सहित अन्य मामलों की जेल प्रशासन की तरफ से रिपोर्ट तो कई बार भेजी जा चुकी है, लेकिन सरकार अभी इन मामलों को लेकर गंभीर नहीं है। मामला फाइलों में दबा हुआ है। जेल अधिकारियों के मुताबिक नए आधुनिक जेल में 1244 बंदियों को रखने की व्यवस्था है। वर्तमान समय में 1157 बंदी जेल में मौजूद हैं। इनमें 40 महिला बंदी शामिल हैं। जेल की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए करीब दो सौ से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों की आवश्यकता है। इनके सापेक्ष मौजूदा समय में पूरा 60 का स्टाफ है। जेल के अस्पताल में दवा से लेकर इलाज के अन्य संसाधन मौजूद हैं। पर अस्पताल में सिर्फ एक डाक्टर और तीन फार्मासिस्ट ही तैनात हैं। जबकि इतनी बड़ी संख्या वाले जेल में बंदियों के इलाज के लिए तीन डाक्टर और चार फार्मासिस्ट होने चाहिए। गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जेल के अलग-अलग कोने में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन इनमें से आठ काफी दिनों से खराब पड़ा है। जेल के भीतर से मोबाइल संचालन रोकने के लिए 15 जैमर होने चाहिए। इनकी तुलना में महज आठ जैमर लगे हुआ है। यह भी 4 जी मोबाइल के नेटवर्क को नहीं कैच कर पाता है। बंदियों को पहले हर त्यौहार पर विशेष भोजन दिया जाता था, लेकिन अब से सिर्फ दो अक्तूबर, 15 अगस्त और 26 जनवरी को ही विशेष पकवान खिलाया जाता। साफ सफाई आदि बंदियों और कुछ सफाईकर्मियों द्वारा किया जाता है। जेल में पर्याप्त स्टाफ न होने का परिणाम है कि बंदियों के गतिविधियों, मोबाइल के प्रयोग आदि पर रोकथाम में काफी परेशानी होती है।
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जेल में मौजूद बंदियों को संभालने के लिए हमारे पास पर्याप्त स्टाफ और संसाधन नहीं है। मौजूदा संसाधन से काम चलाया जा रहा। संसाधन और स्टाफ बढ़ाने के लिए कई बार रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अभी तक सुनवाई नहीं हुई। अनिल कुमार गौतम, जेल अधीक्षक
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