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हंगामा करने वालों पर नहीं दर्ज हुआ केस
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:08 AM IST
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आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल के अध्यापक पर कक्षा पांच की छात्रा से छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए गांव वालों ने मंगलवार को छात्रों को स्कूल से बाहर कर कमरों में ताला जड़ दिया। साथ ही प्रधानाध्यापिका को एक घंटे तक बंधक बनाए रखे। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए बीएसए ने एबीएसए को पूरे मामले की जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के पांडेयपार गांव निवासी सुरेंद्र कुमार चौहान जीयनपुर थाने के एक गांव में स्थित एक प्राइमरी स्कूल में अध्यापक हैं। सुरेंद्र चौहान पर स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा पांच की एक छात्रा के साथ छेड़खानी करने का आरोप है। छात्रा के परिवार के लोग अध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए मंगलवार की सुबह स्कूल पहुंचे। कमरों में बैठे छात्र-छात्राओं को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। साथ ही प्रधानाध्यापिका नीरज राय को करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। दो थानों की फोर्स पहुंचने पर प्रधानाध्यापिका रिहा हो सकी। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि शिक्षक ने छेड़खानी किया तो उसके विरुद्ध थाने में तहरीर देनी चाहिए थी। स्कूल में ताला बंदी और प्रधानाध्यापिका को बंधक क्यों बनाया गया। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पूरे मामले की जांच एबीएसए अजमतगढ़ को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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