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शव वाहन होने के बाद भी प्राइवेट एंबुलेंस से गए मृतकों के शव
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बलरामपुर। मंडलीय अस्पताल की सारी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। मुकेरीगंज में हुई अगलगी की घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मरीजों को जहां मरहम व अन्य जरूरी दवाएं नहीं उपलब्ध हो सकी थीं तो वहीं सोमवार को मृत मरीजों के शव को पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाने के लिए प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा। अस्पताल ने मृतकों के शव ले जाने के लिए शव वाहन नहीं उपलब्ध कराये।
मरीजों को घर से अस्पताल लाने व ले जाने के अलावा मृतकों के शव ले जाने के लिए भी शासन ने मंडलीय अस्पताल प्रशासन को शव वाहन उपलब्ध कराये हैं।रविवार की शाम शहर के मुकेरीगंज मुहल्ले में एक मकान में स्थित पटाखा गोदाम में आग लगने की घटना में 17 लोग झुलस गये थे। सभी को आनन-फानन में अस्पताल पर ले जाया गया तो वहां जलने पर लगने वाला मरहम ही उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं एसआईसी देर रात तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे और सीएमओ मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाले थे। वहीं घटना में सात लोगों की मौत के बाद पोस्टमार्टम हुआ और पोस्टमार्टम के बाद शवों को घर ले जाने के लिए मृतकों के परिजनों को शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजन प्राइवेट एंबुलेंस से शव लेकर घर रवाना हुए।
अस्पताल के शव वाहन सरकारी हैं, उसके लिए नियम कानून है, जिसे इसकी जरूरत होती है, उसे मृतक की आईडी आदि जमा कर एलाट कराना होता है। इसके बाद भी शव वाहन मृतकों के शव को उनके घर तक पहुंचाते है। जहां तक अगलगी की घटना में मृत लोगों के शव को प्राइवेट एंबुलेंस से ले जाने की बात है तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। मृतक के परिजन यदि आईडी आदि उपलब्ध करा कर डिमांड किए होते तो शव वाहन उन्हें ले जाता।
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डॉ. श्रीकृष्ण गोपाल सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।
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मरीजों को घर से अस्पताल लाने व ले जाने के अलावा मृतकों के शव ले जाने के लिए भी शासन ने मंडलीय अस्पताल प्रशासन को शव वाहन उपलब्ध कराये हैं।रविवार की शाम शहर के मुकेरीगंज मुहल्ले में एक मकान में स्थित पटाखा गोदाम में आग लगने की घटना में 17 लोग झुलस गये थे। सभी को आनन-फानन में अस्पताल पर ले जाया गया तो वहां जलने पर लगने वाला मरहम ही उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं एसआईसी देर रात तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे और सीएमओ मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाले थे। वहीं घटना में सात लोगों की मौत के बाद पोस्टमार्टम हुआ और पोस्टमार्टम के बाद शवों को घर ले जाने के लिए मृतकों के परिजनों को शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजन प्राइवेट एंबुलेंस से शव लेकर घर रवाना हुए।
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अस्पताल के शव वाहन सरकारी हैं, उसके लिए नियम कानून है, जिसे इसकी जरूरत होती है, उसे मृतक की आईडी आदि जमा कर एलाट कराना होता है। इसके बाद भी शव वाहन मृतकों के शव को उनके घर तक पहुंचाते है। जहां तक अगलगी की घटना में मृत लोगों के शव को प्राइवेट एंबुलेंस से ले जाने की बात है तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। मृतक के परिजन यदि आईडी आदि उपलब्ध करा कर डिमांड किए होते तो शव वाहन उन्हें ले जाता।
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डॉ. श्रीकृष्ण गोपाल सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।