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लेखाधिकारी बेसिक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:56 PM IST
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आजमगढ़। फर्जी नियुक्ति के आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारी को कोर्ट के आदेश के बाद भी वेतन का भुगतान किए जाने के मामले में मंडलायुक्त ने वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उक्त कर्मचारी को वेतन के मद में किए गए भुगतान की वसूली भी करने का निर्देश दिया है ।
राना प्रताप सिंह पुत्र सूर्यनाथ सिंह की 1993 में बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति हुई थी। फर्जी नियुक्ति का आरोप लगा और मामला हाईकोर्ट पहुंचा। 2012 में हाईकोर्ट ने भी रानाप्रताप की नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया। इसके बाद भी 2012 से 2017 तक हाईकोर्ट के आदेश को दबाए रखा गया और रानाप्रताप पूर्व की भांति कार्य करते हुए वेतन का आहरण करते रहे। इस बीच विशेष याचिका के माध्यम से मामला पुन: हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने 6 फरवरी 2018 को पुन: उक्त याचिका को खारिज करते हुए नियुक्ति अवैध करार दिया। पुन: नियुक्ति खारिज होने के बाद भी रानाप्रताप वित्त और लेखाधिकारी बेसिक कार्यालय में अपने हस्ताक्षर बनाते रहे। इसकी शिकायत मंडलायुक्त से हुई। मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने एडी बेसिक को निर्देश दिया कि वित्त व लेखाधिकारी बेसिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही राना प्रताप सिंह वेतन के मद में किए गए भुगतान की वसूली भी लेखाधिकारी से करने का निर्देश दिया है।
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राना प्रताप सिंह पुत्र सूर्यनाथ सिंह की 1993 में बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति हुई थी। फर्जी नियुक्ति का आरोप लगा और मामला हाईकोर्ट पहुंचा। 2012 में हाईकोर्ट ने भी रानाप्रताप की नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया। इसके बाद भी 2012 से 2017 तक हाईकोर्ट के आदेश को दबाए रखा गया और रानाप्रताप पूर्व की भांति कार्य करते हुए वेतन का आहरण करते रहे। इस बीच विशेष याचिका के माध्यम से मामला पुन: हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने 6 फरवरी 2018 को पुन: उक्त याचिका को खारिज करते हुए नियुक्ति अवैध करार दिया। पुन: नियुक्ति खारिज होने के बाद भी रानाप्रताप वित्त और लेखाधिकारी बेसिक कार्यालय में अपने हस्ताक्षर बनाते रहे। इसकी शिकायत मंडलायुक्त से हुई। मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने एडी बेसिक को निर्देश दिया कि वित्त व लेखाधिकारी बेसिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही राना प्रताप सिंह वेतन के मद में किए गए भुगतान की वसूली भी लेखाधिकारी से करने का निर्देश दिया है।
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