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दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में असफल रही पुलिस
Updated Wed, 13 Jun 2018 11:35 PM IST
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तहबरपुर (आजमगढ़)। थाना क्षेत्र के एकमा गांव में तीन साल पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा आज तक जनपद पुलिस नहीं कर सकी है। इस मामले में पीड़ित पक्ष की तरफ से पांच नामजद समेत छह के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत कराया गया था, लेकिन पुलिस ने मामले को अमरजीत गैंग से जोड़ कर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पीड़ित परिवार को आज भी न्याय मिलने का इंतजार है। तहबरपुर थाना क्षेत्र के लखमनपट्टी लालराय गांव निवासी महेंद्र राय और राजेंद्र राय सगे भाई हैं। बंटवारे को लेकर दोनों में 2005 से विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद में 2005 में राजेंद्र राय के पुत्र प्रमोद राय की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। जिसमें महेंद्र राय और उनके दो पुत्रों को सजा भी हुई थी। इसी विवाद को लेकर राजेंद्र राय पक्ष के लोगों ने 26 मई 2015 को महेंद्र राय के घर पर हमला बोल दिया। जिसमें हुई गोलीबारी में गोली लगने से महेंद्र के पुत्र सरोज राय और पड़ोसी धुरेंद्र राय की मौत हो गई। इस दोहरे हत्याकांड में महेंद्र राय ने विनोद, अनिल, अभिमन्यू, घनश्याम निवासी धन्नीपुर विषया थाना गंभीरपुर, लालसा राय निवासी अरया थाना निजामाबाद समेत एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। हत्याकांड को तीन साल का लंबा समय बीत गया लेकिन अब तक पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर उन्हें हिरासत में लेकर अब तक पूछताछ तक नहीं हुई। इतना ही नहीं हत्याकांड को शातिर अपराधी अमरजीत गैंग से जोड़ कर पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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