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अगलगी की पूर्व में भी हो चुकी है बड़ी घटनाएं

Tue, 19 Mar 2019 01:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2019 01:01 AM IST
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अगलगी की पूर्व में भी हो चुकी है बड़ी घटनाएं
आजमगढ़। रिहायशी इलाकों में अगलगी की यह घटना कोई नई नहीं है। इससे पूर्व भी शहर समेत ग्रामीणांचल में ऐसी घटना हो चुकी है। हर घटना के बाद ज्वलनशील पदार्थों, पटाखा, पेट्रोलियम पदार्थों, रसोई गैस आदि के गोदाम आबादी से दूर करने का निर्देश हुआ है। घटना के बाद प्रशासन फरमान भी जारी करता है, लेकिन आग बुझने के साथ ही प्रशासन का फरमान भी गायब हो जाता है।
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शहर ठंडी सड़क स्थित विवेकानंद कालोनी में अभी साल भर पूर्व ही चोरी छिपे चल रहे मोबिल के गोदाम में भयावह आग लगी थी। वहीं पोस्टआफिस के पास एक आवासी मकान में चल रहे ग्रीस के गोदाम में भी आग लगने से हड़कंप मच गया था। वहीं अतरौलिया क्षेत्र में एक किराना के गोदाम में भीषण आग लगी थी। इस घटना में एक की मौत हो गई थी तो वहीं गोदाम के ऊपरी मंजिल पर रह रहे परिजनों को किसी तरह घंटंो बाद बाहर निकाला जा सका था। इसी क्रम में सरायमीर कस्बा स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुई अगलगी की घटना में तो पूरा परिवार ही खत्म हो गया था। इन सभी घटनाओं में से किसी भी एक घटना के बाद प्रशासन ने सीख नहीं ली कि ज्वलनशील पदार्थों के गोदामों को आबादी से दूर किया जाए। प्रशासन की कवायद सिर्फ फरमान जारी करने तक ही सीमित रही।
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पीएम हाउस पर गायब थी लाइट, शव पहचानने में हुई दिक्कत
बलरामपुर। पटाखा गोदाम में लगी आग में झुलस कर मरे लोगों के शव तत्काल पोस्टमार्टम हाउस भेज दिए गए। पीएम हाउस पर लाइट की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके चलते मृतकों के शव की पहचान करने में काफी परेशानी हुई। एक तरफ जहां पीएम हाउस पर चीख पुकार मची हुई थी तो वहीं अंधेरे के चलते परिजनों व अधिकारियों को शवों की पहचान में परेशानी उठानी पड़ रही थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद घंटो बाद पीएम हाउस पर बिजली की व्यवस्था हो सकी।
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धमका इतना तेज था कि सहम गया पूरा मुहल्ला
आजमगढ़। पटाखा गोदाम में आग लगने के बाद हुआ धमका इतना तेज था कि पूरे मुहल्ले के लोग सहम से गए। 500 सौ मीटर दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। वहीं धमाके के चलते आसपास स्थित मकानों पर लगे सीसे तक चटक कर टूट गए। स्थानीय लोगों का तो यह कहना था कि धमके की आवाज इतनी तेज थी कि लगा जैसे कोई हवाई जहाज आसपास गिरा हो।
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