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जिले में तीन स्थानों पर बालू खनन की हरी झंडी
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:52 PM IST
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आजमगढ़। शासन की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ई. टेंडरिंग के माध्यम से खनन के लिए निविदा निकाली जा चुकी है। जल्द ही बालू खनन शुरू होने की संभावना है। अभी तीनों निविदा प्राप्त कंपनियों को शासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना बाकी है। जैसे ही बालू खनन शुरू होगा इसके दामों में कमी आ जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध खनन पर रोक लगा दी। इससे जिले में सफेद और लाल बालू महंगा हो गया। जिसका फायदा उठाकर खनन माफिया पुलिस की मिलीभगत से बालू का खनन कर अपनी जेबें भरते रहे। सरकार ने ई-टेंडरिंग के माध्यम से खनन का ठेका देने का निर्णय लिया। पूरे प्रदेश के साथ ही घाघरा किनारे से निकलने वाले सफेद बालू के खनन के लिए भी ई-निविदा निकाली गई। जिसमें तीन स्थानों पर बालू खनन की निविदा थी। इसमें से दो स्थान बलुआ भवानी बक्श और कर्महा उर्फ करनऊपुर घाघरा नदी के दूसरे किनारे पर स्थित है, लेकिन यह आजमगढ़ जनपद में आता है, लेकिन इसकी निकासी गोरखपुर में होगी। क्योंकि यहां तक पहुंचने का रास्ता गोरखपुर जनपद में ही है। जबकि एक खनन स्थल सहबदिया सुल्तानपुर में है। तीनों जगहों को मिलाकर कुल साढ़े 15 हेक्टेयर में बालू खनन होगा। इसमें से कर्महा उर्फ करनऊपुर में अप्रैल के अंतिम दिनों तक खनन शुरू हो जाएगा। अन्य दो स्थलों पर खनन शुरू होने में अभी समय लगेगा। खनन के लिए निविदा प्राप्त कंपनियों द्वारा छह करोड़ 70 लाख रुपये जमा कर दिए गए हैं। शेष बची धनराशि को भी तीन महीने के अंदर जमा कर दिया जाएगा।
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