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युवक की हत्या का आरोपी ग्राम प्रधान गिरफ्तार
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:59 PM IST
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आजमगढ़। चकभाईखान गांव में गृहप्रवेश के दौरान युवक धनपाल की हत्या करने वाले आरोपी ग्राम प्रधान गोपाल यादव को पुलिस ने सोमवार की देर शाम सिधारी से गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी ने प्रधान के गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
सिधारी थाना क्षेत्र के चकभाईखान गांव निवासी रामप्यारे यादव के घर आयोजित गृहप्रवेश कार्यक्रम के दौरान रविवार की रात साढ़े नौ बजे ग्राम प्रधान गोपाल यादव ने ताबड़तोड़ चार गोलियां मारकर गांव के युवक धनपाल यादव की हत्या कर दी थी। जबकि हाथ में गोली लगने से साथी प्रवेश यादव घायल हो गया। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि धनपाल यादव को गोली प्रधान ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से मारी थी। इसका लाइसेंस भी निरस्त कराया जाएगा। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस प्रधान सहित छह लोगों के विरुद्ध हत्या और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही।
घटना की रिपोर्ट सिधारी थाने के चकभाईखान गांव निवासी धनपाल के चाचा देवराज यादव की तहरीर पर दर्ज हुई है। इसमें चकभाईखान के प्रधान गोपाल यादव, रामजनम यादव, महेंद्र यादव, शिवजनम यादव के अलावा सिधारी थाने के चकबिलींदा गांव निवासी सुरेंद्र यादव और चकनेवाज गांव निवासी शैलेंद्र यादव को आरोपित किया है। पीड़ित के मुताबिक उसके गांव के रामप्यारे यादव के घर रविवार को गृहप्रवेश था। जिसमें भाग लेने के लिए यह लोग आए हुए थे।
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यहीं पर उसका भतीजा धनपाल यादव अपने मित्र प्रवेश यादव के साथ गया हुआ था। सभी लोग आपस में बातचीत कर रहे थे। तभी किसी बात को लेकर प्रधान के समर्थकों और धनपाल के बीच कहासुनी और हाथापाई होने लगी। यह क्रम चल ही रहा था कि प्रधान ने लाइसेंसी असलहा निकालकर ताबड़तोड़ धनपाल को गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि प्रवेश यादव (30) घायल हो गया। उसका इलाज चल रहा। सीओ सिटी अजय कुमार यादव ने बताया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। ग्राम प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही। घटना का कारण रंजिश बताई जा रही। रंजिश किस तरह की है। इसकी जांच की जा रही।
गांव वालों के सहयोग से हुआ अंतिम संस्कार
आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के चकभाईखान गांव निवासी धनपाल यादव जहां जमीन के कारोबार से अपना और अपने परिवार का खर्चा चला रहा था। वहीं भाईयों की मदद से लोगों की जमीन खरीदकर प्रापर्टी भी बना रहा था। उसकी हत्या होने के बाद से ही गांव में जहां सियापा छाया हुआ है। वहीं परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हत्या के दूसरे दिन सोमवार की शाम को धनपाल की लाश घर पहुंची। गांव वालों के सहयोग से उसका अंतिम संस्कार किया गया।
तीन भाईयों में छोटा धनपाल यादव की शादी हो चुकी थी। वह एक बच्ची का पिता था। चार माह पूर्व ही उसको एक बेटी पैदा हुई थी। धनपाल के अन्य दोनों भाई विदेश में रहते हैं। इकलौता धनपाल के कंधों पर परिवार की सारी जिम्मेदारी थी। वह अपनी बूढ़ी मां की सलाह पर ही अपना पूरा काम करता था। परिवारवालों के मुताबिक रविवार की रात को भी धनपाल यादव अपने गांव के रामप्यारे यादव के घर आयोजित कार्यक्रम में नहीं जाना चाहता था, लेकिन ऐन समय पर उसके कुछ दोस्त आ गए। जिनके कहने पर साथ वह चला गया। घटना के दूसरे दिन सोमवार की देर शाम को धनपाल की लाश पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंची तो पुन: माहौल गमगीन हो गया। पत्नी और बूढ़ी मां की दशा देखने के बाद हर किसी की आंखे नम हो गई। नात, रिश्तेदारों के समझाने-बुझाने के बाद उसका अंतिम संस्कार हुआ।
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सिधारी थाना क्षेत्र के चकभाईखान गांव निवासी रामप्यारे यादव के घर आयोजित गृहप्रवेश कार्यक्रम के दौरान रविवार की रात साढ़े नौ बजे ग्राम प्रधान गोपाल यादव ने ताबड़तोड़ चार गोलियां मारकर गांव के युवक धनपाल यादव की हत्या कर दी थी। जबकि हाथ में गोली लगने से साथी प्रवेश यादव घायल हो गया। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि धनपाल यादव को गोली प्रधान ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से मारी थी। इसका लाइसेंस भी निरस्त कराया जाएगा। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस प्रधान सहित छह लोगों के विरुद्ध हत्या और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही।
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घटना की रिपोर्ट सिधारी थाने के चकभाईखान गांव निवासी धनपाल के चाचा देवराज यादव की तहरीर पर दर्ज हुई है। इसमें चकभाईखान के प्रधान गोपाल यादव, रामजनम यादव, महेंद्र यादव, शिवजनम यादव के अलावा सिधारी थाने के चकबिलींदा गांव निवासी सुरेंद्र यादव और चकनेवाज गांव निवासी शैलेंद्र यादव को आरोपित किया है। पीड़ित के मुताबिक उसके गांव के रामप्यारे यादव के घर रविवार को गृहप्रवेश था। जिसमें भाग लेने के लिए यह लोग आए हुए थे।
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यहीं पर उसका भतीजा धनपाल यादव अपने मित्र प्रवेश यादव के साथ गया हुआ था। सभी लोग आपस में बातचीत कर रहे थे। तभी किसी बात को लेकर प्रधान के समर्थकों और धनपाल के बीच कहासुनी और हाथापाई होने लगी। यह क्रम चल ही रहा था कि प्रधान ने लाइसेंसी असलहा निकालकर ताबड़तोड़ धनपाल को गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि प्रवेश यादव (30) घायल हो गया। उसका इलाज चल रहा। सीओ सिटी अजय कुमार यादव ने बताया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। ग्राम प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही। घटना का कारण रंजिश बताई जा रही। रंजिश किस तरह की है। इसकी जांच की जा रही।
गांव वालों के सहयोग से हुआ अंतिम संस्कार
आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के चकभाईखान गांव निवासी धनपाल यादव जहां जमीन के कारोबार से अपना और अपने परिवार का खर्चा चला रहा था। वहीं भाईयों की मदद से लोगों की जमीन खरीदकर प्रापर्टी भी बना रहा था। उसकी हत्या होने के बाद से ही गांव में जहां सियापा छाया हुआ है। वहीं परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हत्या के दूसरे दिन सोमवार की शाम को धनपाल की लाश घर पहुंची। गांव वालों के सहयोग से उसका अंतिम संस्कार किया गया।
तीन भाईयों में छोटा धनपाल यादव की शादी हो चुकी थी। वह एक बच्ची का पिता था। चार माह पूर्व ही उसको एक बेटी पैदा हुई थी। धनपाल के अन्य दोनों भाई विदेश में रहते हैं। इकलौता धनपाल के कंधों पर परिवार की सारी जिम्मेदारी थी। वह अपनी बूढ़ी मां की सलाह पर ही अपना पूरा काम करता था। परिवारवालों के मुताबिक रविवार की रात को भी धनपाल यादव अपने गांव के रामप्यारे यादव के घर आयोजित कार्यक्रम में नहीं जाना चाहता था, लेकिन ऐन समय पर उसके कुछ दोस्त आ गए। जिनके कहने पर साथ वह चला गया। घटना के दूसरे दिन सोमवार की देर शाम को धनपाल की लाश पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंची तो पुन: माहौल गमगीन हो गया। पत्नी और बूढ़ी मां की दशा देखने के बाद हर किसी की आंखे नम हो गई। नात, रिश्तेदारों के समझाने-बुझाने के बाद उसका अंतिम संस्कार हुआ।