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नाबालिगों से कराए पंडाल में काम, शौचालय की कमी से भटकीं महिलाएं
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:07 PM IST
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आजमगढ़। जिला प्रशासन की ओर से नगर के आईटीआई मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर प्रशासन द्वारा ही जमकर शासनादेशों का उल्लंघन किया गया। लेकिन प्रशासन का कार्यक्रम था इसलिए कोई पूछने वाला नहीं था।
नगर के आईटीआई में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अल्पसंख्यक समुदाय के सात जोड़े निकाह पढ़ने के लिए आए थे। उनके लिए पंडाल में दो घेरे बनाए गए थे। जबकि हिंदू जोड़ों की संख्या ज्यादा होने के कारण 12 मंडप बनाए गए थे। जिन्हें दुल्हन की तरह सजाया गया था। लेकिन मुस्लिम समुदाय के निकाह के बनाए गए घेरे में सजावट आदि की व्यवस्था नहीं थी। जिसे देख शादी में आए मुस्लिम समुदाय के मौलवी ने विरोध करना शुरू कर दिया। तभी वहां नारी शक्ति संस्थान की सचिव डॉ. पूनम तिवारी अपने साथियों के साथ पहुंची।
उन्होंने मौलवी को समझाकर मामले को शांत कराया और भाजपा जिलाध्यक्ष को इस बारे में बताया जब आनन फानन में सजावट का कार्य कराया गया। वहीं शादी के पंडाल के पीछे बारातियों के खाने पीने की व्यवस्था की गई थी। यहां पर काफी संख्या में नाबालिग कार्य करते हुए मिले। जब मीडिया कर्मियों ने उनकी फोटो लेनी शुरू की तो ठेकेदार ने उन्हें वहां से हटा दिया लेकिन पंडाल के पीछे वह लोग कार्य करते रहे। एक बच्चे ने तो यहां तक बताया कि वह स्कूल छोड़कर आया है शाम तक पांच सौ रुपये मिलेंगे। कार्यक्रम स्थल पर अस्थाई शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं थी जिसके कारण महिलाएं खुले में शौच करने को बाध्य हुई। वहीं अधिकारियों और नेताओं के साथ पहुंचे कर्मी और साथी भी खुले में शौच करते रहे।
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आईटीआई मैदान में छह सीटर शौचालय बना है। इसे साफ करा दिया गया है। इसके अलावा कालेज परिसर में भी शौचालय बना हुआ है। इसलिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है यह कहना उचित नहीं है।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।
सारा कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। उसे नाबालिगों को काम पर न लगाने की पहले ही चेतावनी दी गई थी। अगर उसने ऐसा किया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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नगर के आईटीआई में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अल्पसंख्यक समुदाय के सात जोड़े निकाह पढ़ने के लिए आए थे। उनके लिए पंडाल में दो घेरे बनाए गए थे। जबकि हिंदू जोड़ों की संख्या ज्यादा होने के कारण 12 मंडप बनाए गए थे। जिन्हें दुल्हन की तरह सजाया गया था। लेकिन मुस्लिम समुदाय के निकाह के बनाए गए घेरे में सजावट आदि की व्यवस्था नहीं थी। जिसे देख शादी में आए मुस्लिम समुदाय के मौलवी ने विरोध करना शुरू कर दिया। तभी वहां नारी शक्ति संस्थान की सचिव डॉ. पूनम तिवारी अपने साथियों के साथ पहुंची।
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उन्होंने मौलवी को समझाकर मामले को शांत कराया और भाजपा जिलाध्यक्ष को इस बारे में बताया जब आनन फानन में सजावट का कार्य कराया गया। वहीं शादी के पंडाल के पीछे बारातियों के खाने पीने की व्यवस्था की गई थी। यहां पर काफी संख्या में नाबालिग कार्य करते हुए मिले। जब मीडिया कर्मियों ने उनकी फोटो लेनी शुरू की तो ठेकेदार ने उन्हें वहां से हटा दिया लेकिन पंडाल के पीछे वह लोग कार्य करते रहे। एक बच्चे ने तो यहां तक बताया कि वह स्कूल छोड़कर आया है शाम तक पांच सौ रुपये मिलेंगे। कार्यक्रम स्थल पर अस्थाई शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं थी जिसके कारण महिलाएं खुले में शौच करने को बाध्य हुई। वहीं अधिकारियों और नेताओं के साथ पहुंचे कर्मी और साथी भी खुले में शौच करते रहे।
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आईटीआई मैदान में छह सीटर शौचालय बना है। इसे साफ करा दिया गया है। इसके अलावा कालेज परिसर में भी शौचालय बना हुआ है। इसलिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है यह कहना उचित नहीं है।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।
सारा कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। उसे नाबालिगों को काम पर न लगाने की पहले ही चेतावनी दी गई थी। अगर उसने ऐसा किया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।