{"_id":"59aeee194f1c1b69078b470c","slug":"111504636441-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिजनों से मिली लावारिश मिली किशोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
परिजनों से मिली लावारिश मिली किशोरी
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। विगत आठ दिनों तक बेसुध हालत में जिला महिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती किशोरी को सोमवार को उसके परिजन मिल गए। नारी शक्ति संस्थान के प्रयास से मिले परिजनों को महिला थानाध्यक्ष की मौजूदगी में किशोरी की सुपुर्दगी सौंपी गई।
बताते चलें कि 28 अगस्त की रात में जिला चिकित्सालय से एक किशोरी को 108 एम्बुलेंस द्वारा एक किशोरी को अचेतावस्था में जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परीक्षण में चिकित्सकों ने पाया कि वह लगभग छह माह की गर्भवती है और उसकी मानसिक स्थिति भी कमजोर थी। वह अपनों के बारे में कुछ भी बता पाने में असमर्थ थी। अगली सुबह जब इसकी जानकारी नारी शक्ति संस्थान की सचिव डा. पूनम तिवारी को हुई तो वह महिलाओं के साथ महिला अस्पताल पहुंची। किशोरी की आपबीती समझने के बाद विजय लक्ष्मी मिश्रा, महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस और महिला थानाध्यक्ष से मुलाकात की। इस दौरान संस्थान की महिलाओं ने कहा कि जब तक किशोरी के परिजन नहीं मिल जाते तब तक इसकी समस्त जिम्मेदारी नारी शक्ति संस्थान उठाएगी। अस्पताल में भर्ती एक महिला ने किशोरी को पहचान लिया। डा. पूनम तिवारी ने उक्त महिला द्वारा बताए गए बिलरियागंज थानाध्यक्ष को सूचना दी। थानाध्यक्ष ने तत्काल पीड़िता किशोरी की फोटो सचिव से मांगकर परिजनों से शिनाख्त कराने के बाद जिला अस्पताल भेजा। सोमवार को किशोरी को उसके भाई और पिता के साथ सोमवार की रात घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
बताते चलें कि 28 अगस्त की रात में जिला चिकित्सालय से एक किशोरी को 108 एम्बुलेंस द्वारा एक किशोरी को अचेतावस्था में जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परीक्षण में चिकित्सकों ने पाया कि वह लगभग छह माह की गर्भवती है और उसकी मानसिक स्थिति भी कमजोर थी। वह अपनों के बारे में कुछ भी बता पाने में असमर्थ थी। अगली सुबह जब इसकी जानकारी नारी शक्ति संस्थान की सचिव डा. पूनम तिवारी को हुई तो वह महिलाओं के साथ महिला अस्पताल पहुंची। किशोरी की आपबीती समझने के बाद विजय लक्ष्मी मिश्रा, महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस और महिला थानाध्यक्ष से मुलाकात की। इस दौरान संस्थान की महिलाओं ने कहा कि जब तक किशोरी के परिजन नहीं मिल जाते तब तक इसकी समस्त जिम्मेदारी नारी शक्ति संस्थान उठाएगी। अस्पताल में भर्ती एक महिला ने किशोरी को पहचान लिया। डा. पूनम तिवारी ने उक्त महिला द्वारा बताए गए बिलरियागंज थानाध्यक्ष को सूचना दी। थानाध्यक्ष ने तत्काल पीड़िता किशोरी की फोटो सचिव से मांगकर परिजनों से शिनाख्त कराने के बाद जिला अस्पताल भेजा। सोमवार को किशोरी को उसके भाई और पिता के साथ सोमवार की रात घर भेज दिया गया।
विज्ञापन